{"product_id":"is-gubbare-ki-chhaya-mein-9788170551805","title":"Is Gubbare Ki Chhaya Mein","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Nagarjun\u003cbr\u003e • Publisher: Vani Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Vani Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\"डाक्टर साहब, इसका मत्था छोटा कर दोअभी चार दिन नहीं हुए हैं जाने कैसा रोग ढक गया यह क्या तो माथा लगता है यह क्या तो सिर-सा दिखता है हाथ-पैर तो ठीक-ठाक हैं गर्दन-कन्धे भी जँचते हैं लेकिन देखो डाक्टर साहब माथा कैसा भद्दा लगता देखा नहीं जा रहा सचमुच क्या तो गड़बड़ घटी 'गरभ' में रोग भर गये माथे में ही जाने यह कैसा, क्या था पुरुब जनम में जाने कैसा पाप किया था ! पानी भरा अभी से सिर में इसमें से पानी निकाल दो डाक्टर, यह भद्दा दिखता है देखा नहीं जा रहा हमसे तुम यह माथा छोटा कर दो इन्जक्शन दो, सुई लगाओ जैसे भी हो, इसका माथा छोटा कर दो\"\"नहीं, नहीं, री माई यह तो ठीक न होगा, ठीक न होगा गुब्बारे-सा फूला-फूला यह आगे भी दिखा करेगा खुद ही यह अपने लिलार में अपनी किस्मत लिखा करेगा लम्बा-लम्बा भाषण देना भी सीखेगा शाहंशाहों के लिबास में भी दीखेगा बुद्ध होगा, साथी इसमें अकल भरेंगे कुछ तो इसकी नकल करेंगे...\"(पुस्तक अंश)\u003c\/p\u003e","brand":"Vani Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46523081064599,"sku":"9788170551805","price":135.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788170551805.webp?v=1767179887","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/is-gubbare-ki-chhaya-mein-9788170551805","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}