{"product_id":"jadoon-ki-aakhiri-pakar-tak-9788171195954","title":"Jadoon Ki Aakhiri Pakar Tak","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Ravindra Bharti\u003cbr\u003e • Publisher: Radhakrishna Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Radhakrishna Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eरवीन्द्र भारती का कवि गाँव का कवि है। ठेठ देहाती। देहात के जीवन, उसके वृक्ष, वहाँ के चरवाहे, कुएँ, नदी का किनारा, किनारे पर जलती चिता से उठता धुआँ, लू से भरी पछेया हवा, सूखे हुए गाछ के पत्ते, जलती हवा में टनटनाते पत्ते, यानी पूरा देहाती वातावरण—इन कविताओं में साँस लेता और धड़कता प्रतीत होता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eरवीन्द्र की ये कविताएँ औसत भारतीय जनमानस के उन उपेक्षित धूल-धूसरित खंडित व्यक्तित्व-बिम्बों को बिना किसी कालगत कलात्मक व पारिभाषिक जॉगर्नस में पहचान करवाने की ईमानदार कोशिश है। रवीन्द्र ने अपनी विषय-वस्तु के साथ एक अत्यन्त आत्मीय सम्बद्धता का अहसास कराते हुए भी पूरी सतर्कता के साथ उन अभिव्यक्ति-रूढ़ियों से बचने की कोशिश की है, जिनकी उपस्थिति का मुख्य प्रभाव आज कविता द्वारा उपस्थित मनुष्य की आदिम और ऐतिहासिक भावनाओं, आकांक्षाओं और हर्ष-विवाद को एक विशिष्ट कलात्मक मुद्रा में परिणत कर उनके वस्तुनिष्ठ द्वन्द्व की तपिश को कुन्द कर देता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eरवीन्द्र भारती ग्रामीण जीवन की प्रशंसा नहीं करते, उसका उपहास भी नहीं करते, सहानुभूति भी नहीं दिखाते, बल्कि उसे अपनी संवेदना का अंग बनाते हैं। यानी, ये कविताएँ निजता, संलग्नता की सहज उपज हैं। कवि अपनी अभिव्यक्ति के प्रति ईमानदार है और उसके माध्यम से वह भाषा को नई ऊर्जा प्रदान करता है; कवि की हृदयस्पर्शी और अन्तरंग कविताओं में ‘गुल्लू’, ‘माँ का क़िस्सा’, ‘स्मृति-1’, ‘स्मृति-2’, ‘सूर्य की ज्योति’, ‘पेड़’, ‘रात का क़िस्सा’, पिछली बार जैसी एक से एक कविता जड़ों की आख़िरी पकड़ तक में संगृहीत हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eये कविताएँ बार-बार पढ़ने के लिए विवश करती हैं। संक्षेप में कहना हो, तो कहेंगे कि रवीन्द्र भारती के कविता-संसार से गुज़रना अभूतपूर्व अनुभव से गुज़रना है।\u003c\/p\u003e","brand":"Radhakrishna Prakashan","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":45285536497815,"sku":"9788171195954","price":207.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788171195954.webp?v=1769283712","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/jadoon-ki-aakhiri-pakar-tak-9788171195954","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}