{"product_id":"jahiram-pad-neh-9788188140923","title":"Jahiram Pad Neh","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Narottam Pandey\u003cbr\u003e • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • BISAC: Hinduism - Ritual \u0026amp; Practices\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eरामकथा भारतीय जन-मानस की प्राण है। यह हिंदु मन में गहरे तक पैठी हुई है। रामायण में अनेक पात्रों का सजीव चित्रण हुआ है। इनमें कुछ पात्र ऐसे हैं जो कथा में एक-दो बार आए हैं और फिर विलुप्त हो गए। कुछ पुरुष पात्र ऐसे हैं, जो मुख्य भूमिका में तो नहीं रहे पर हैं अत्यधिक महत्त्वपूर्ण और इनकी उपस्थिति कथा के अंत तक रही है।प्रसिद्ध विद्वान् लेखक नरोत्तम पांडेय ने रामायण कथा का बड़ी गहराई से अनुशीलन किया है। प्रस्तुत पुस्तक में लेखक ने अपनी तर्क-बुद्धि से रामकथा में से चार रामपद नेहियों—हनुमान, अंगद, लक्ष्मण और भरत—की आस्था, निष्ठा, सेवा-समर्पण एवं शौर्य का विवेचन किया है। इसमें जहाँ-तहाँ साधी रूप में वाल्मीकीय रामायण के आख्यानों की सहायता ली गई है। ‘जाहिराम पद नेह’ में युवराज अंगद का चरित्र एवं व्यक्तित्व शेष चरित्रों की तुलना में अधिक सकर्मक और निष्काम है। सुग्रीव कुशल प्रशासक हैं। विभीषण की क्रियाएँ भेदमूलक हैं।धर्म-अध्यात्म में रुचि रखनेवाले एवं रामायण-प्रेमी पाठकों के लिए एक पठनीय पुस्तक।\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":46839504306327,"sku":"9788188140923","price":140.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788188140923.webp?v=1769160930","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/jahiram-pad-neh-9788188140923","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}