{"product_id":"jannayak-anna-hazare-9789350480977","title":"Jannayak Anna Hazare","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Pardeep Thakur | Pooja Rana\u003cbr\u003e • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • BISAC: Political\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eयह पुस्तक भ्रष्‍टाचार के चेहरे और उसे साफ करने में अन्ना हजारे जैसे धर्म-योद्धा की भूमिका का सर्वांगीण अध्ययन तथा सशक्‍त भ्रष्‍टाचार-विरोधी विधेयक तैयार करने की विभिन्‍न चेष्‍टाओं का खाका प्रस्तुत करती है, जो सरकारी पदों पर बैठे लोगों को भारत में लोकतांत्रिक शासन के प्रभुत्व-क्षेत्र को दूषित करने से रोक सके। अन्ना हजारे सिविल सोसाइटी के आक्रोश को एक ऐसे शक्‍तिशाली जन-आंदोलन में बदल देने के प्रयासों में लगे हुए हैं, जो कानून-निर्माताओं को यह समझने के लिए बाध्य कर सके कि इस तरह का एक बिल संसद् में तुरंत पेश करना कितना आवश्यक है। इसके साथ ही यह भारत में उच्च पदों पर व्याप्‍त भ्रष्‍टाचार का विस्तृत चित्र भी प्रस्तुत करती है। यह शासन और राष्‍ट्र के विरुद्ध भ्रष्‍टाचार के अपराधों में लिप्‍त सार्वजनिक शख्सियतों पर कानूनी काररवाई करने के लिए वर्तमान कानूनी व्यवस्थाओं की अपर्याप्‍तता को भी उजागर करती है।72 वर्षीय किसन बाबूराव हजारे उर्फ 'अन्ना हजारे’ जब कोई आंदोलन शुरू करते हैं, तो मुंबई से लेकर दिल्ली तक हर नेता उठकर बैठ जाता है और उनकी बातों पर ध्यान देता है। आज भ्रष्‍टाचार के विरुद्ध भारत के संघर्ष का नाम 'अन्ना हजारे’ पड़ गया है और उन्हें 'आधुनिक भारत का गांधी’ कहा जाने लगा है।\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46839529832599,"sku":"9789350480977","price":67.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789350480977.webp?v=1769161085","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/jannayak-anna-hazare-9789350480977","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}