{"product_id":"kabeer-jeewan-aur-darshan-9788180312397","title":"Kabeer : Jeewan Aur Darshan","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Urvashi Surti\u003cbr\u003e • Publisher: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eकबीर विनयी परन्तु निर्भीक साधक थे—दम्भ-पाखंड से मुक्त, स्पष्टवादी, अहंकार-अनाचार से शून्य। सरल स्वभाव से भीत और पीड़ित को भक्ति की प्रेरणा और प्रोत्साहन देनेवाले।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eदीन-हीन मनुष्य के आत्मगौरव को जगानेवाले, अभयदान देकर सच्चे स्वातंत्र्य का सुख देनेवाले, शुष्क जीवन को सच्चिदानन्दमय कर देनेवाले कबीर स्वतंत्रचेता, गूढ़-गम्भीर रहस्य के ज्ञाता, उच्च कोटि के सन्त थे।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eउनका कोमल भक्त-हृदय अनेक संघर्षों के बीच अपने लक्ष्य के प्रति अनन्य परन्तु पर्वत के समान निश्चल और सहिष्णु था। वे अपनी साधना में निरन्तर गुरु की छत्रच्छाया का अनुभव करते हुए आत्मनिर्भर, अव्याकुल और उदार, आत्मविश्वासी, सत्यान्वेषी और अहिंसा-प्रेमी थे।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eअपनी अलोलुप वृत्ति के कारण वे निर्विषयी थे और मिथ्याभिमान से मुक्त। साधना के उत्कर्ष के लिए आत्मसुधार और आत्मान्वेषण की प्रेरणा देनेवाले निन्दकों को अपने आसपास बिठाने में उन्हें कोई आपत्ति न थी। अपनी बुद्धि और अनुभव की कसौटी पर सत्य की परख करनेवाले कबीर कभी शास्त्र के आडम्बर से निस्तेज नहीं होते थे, बल्कि जड़, अन्धमान्यताओं की धज्‍जी उड़ाते थे। अपनी तीव्र वाक्शक्ति और स्पष्ट आलोचना से वे किसी भी मिथ्यावादी का मुँह बन्द कर देते। वेद-क़ुरान के पाठ में उन्हें फलप्राप्ति-विषयक अन्धविश्वास न था, वहाँ भी वे समझदारी का आग्रह रखते थे।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eप्रस्तुत पुस्तक उनके जीवन और दर्शन को सरल और ग्राह्य भाषा-शैली में प्रस्तुत करती है।\u003c\/p\u003e","brand":"Lokbharti Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285586272407,"sku":"9788180312397","price":209.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788180312397.webp?v=1769283814","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/kabeer-jeewan-aur-darshan-9788180312397","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}