{"product_id":"kargil-ek-yatri-ki-zubani-9789355211651","title":"Kargil: Ek Yatri Ki Zubani","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Rishi Raj\u003cbr\u003e • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eलेखक ऋषि राज को दो बार कारगिल जाने का अवसर प्राप्त हुआ है। अपनी इन यात्राओं के दौरान उन्होंने उन जगहों को बहुत नजदीक से देखा, जहाँ हमारे वीर शहीदों के बलिदान की अमर गाथा लिखी गई।द्रास, कारगिल, काकसर और बटालिक के इलाके मूक गवाह हैं, हमारे जवानों द्वारा प्रदर्शित शौर्य और पराक्रम के। यह पुस्तक संकलन है उन भावों का, जो लेखक ने इन जगहों पर जाकर इतिहास के पन्नों को पलटकर हासिल किए हैं। यह तो आप जानते ही हैं कि कारगिल युद्ध परिणाम था पाकिस्तान द्वारा धोखे से हमारे सीमाक्षेत्र में घुसपैठ करने का, जिसके परिणाम स्वरूप वो हमारी 150 किलोमीटर लंबी सीमा पर 160 चौकियों पर काबिज हो गया। जबकि वर्षों से दोनों देशों में एक मूक सहमति थी कि सर्दियों में दोनों ही देश इन चौकियों को खाली रखेंगे।परंतु पाकिस्तान ने हमेशा की भाँति भारत को धोखा दिया। पाकिस्तान के तत्कालीन सेनाध्यक्ष परवेज मुशर्रफ भारत से सियाचिन का बदला लेना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने कारगिल युद्ध की व्यूह रचना कर डाली। भारत के शूरवीर सैनिकों ने विषम परिस्थितियों के बावजूद पाकिस्तान को भारत भूमि से खदेड़कर बाहर कर दिया।यह पुस्तक मिश्रण है—ऐतिहासिक तथ्यों, भावनाओं, कारगिल वीरों की पराक्रम गाथा का और एक पुण्य प्रयास है शहीदों के बलिदान की स्मृति को जागृत रखने का। आशा है, यह प्रयास आपको अवश्य पसंद आएगा। जय हिंद\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46839625056407,"sku":"9789355211651","price":210.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789355211651.webp?v=1769161762","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/kargil-ek-yatri-ki-zubani-9789355211651","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}