{"product_id":"katha-samay-mein-teen-hamsafar-9788126720750","title":"Katha Samay Mein Teen Hamsafar","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Nirmala Jain\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eअलग परिवेश और पृष्ठभूमियों से आर्इं हिन्दी की तीन शीर्षस्थ लेखिकाएँ जिन्होंने बिना किसी आन्दोलनात्मक तेवर के और बग़ैर किसी आन्दोलनकारी समूह के सहयोग के, पाठकों के संसार में अपनी जगह बनाई। उन्होंने हमें अनेक कालजयी रचनाएँ दीं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eकृष्णा सोबती, मन्नू भंडारी और उषा प्रियंवदा—नई कहानी के आरम्भिक दौर में, ‘लेकिन नई कहानी’ आन्दोलन की छाया से बाहर अपनी निजी शैली, और अपने विशिष्ट तेवर के साथ अपनी पहचान बनानेवाले तीन बड़े नाम। यह पुस्तक इन तीनों की सहगामी, मित्र और गम्भीर पाठक रहीं प्रसिद्ध आलोचक निर्मला जैन द्वारा इनकी बुनत, उनके पाठ की बनावट और कृतियों के वैशिष्ट्य को समझने का प्रयास है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eनिर्मला जी का कहना है : ‘‘कुल जमा क़िस्सा यह कि ‘नई कहानी’ को सुनियोजित आन्दोलन के रूप में चलाने की योजना जिन लोगों ने बनाई उन्हीं के समानान्तर बिना किसी आन्दोलनात्मक तेवर या मुद्रा अख्तियार किए, ये तीनों महिलाएँ पूरी निष्ठा और समर्पित मनोभाव से कहानियाँ लिख रही थीं।’’ ‘‘उन्होंने कभी कोई परचम नहीं लहराया, सैद्धान्तिक फिकरेबाजी नहीं की। ‘स्त्रीवाद’ या ‘महिला लेखन’ के नाम पर कोई आरक्षित वर्ग खड़ा नहीं किया। किसी अतिरिक्त रियायत की अपेक्षा नहीं की।’’\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eऐसी आत्मसम्भवा रचनाकारों पर उतनी ही बेबाक और स्वतंत्र चिन्तक निर्मला जैन की यह पुस्तक इन कृतिकारों के विषय में सोचने–समझने के लिए प्रस्थान बिन्दु की तरह है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e‘नई कहानी’ दौर की एक विशिष्ट कथा–त्रयी की रचनात्मकता पर एक मानक कलम से उतरी अनूठी आलोचना कृति।\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":45285629690007,"sku":"9788126720750","price":210.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788126720750.jpg?v=1741416700","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/katha-samay-mein-teen-hamsafar-9788126720750","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}