{"product_id":"keedajadi-vow-valley-of-words-9780143453734","title":"Keedajadi\/कीड़ाजड़ी: हिंदी कथेतर श्रेणी में Vow(Valley of Words\/वैली ऑफ वर्ड्स ) बुक अवॉर्ड्स 2023 के लिए लौंगलिस्टेड","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Anil Yadav\u003cbr\u003e • Publisher: Penguin Swadesh\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Penguin Swadesh\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cspan\u003eक्या आप जानते हैं कि पिंडर घाटी कहाँ है, जोती कौन है, वहाँ की ज़िन्दगी, धाराएँ और ऊँचाइयाँ कैसी हैं?\u003cbr\u003eक्या आप जानते हैं कि पर्वतारोहण के रोमांच भरे खेल का रास्ता किन लोगों की पीठ पर से होकर गुज़रता है?\u003cbr\u003eएक आदमी पहाड़ की बिन बिजली.सड़क.मोबाइल वाली घाटी में प्राइमरी के बच्चों को पढ़ाने जाता है जो दानपुरी बोली और हिन्दी भाषा के बीच पड़ने वाले जंगल में फँसे हुए हैं। यहाँ फसले हँसिया युग से पहले के औज़ारों से काटी जाती हैं, मुसाफ़िरों के भूत दर्द से फटते पैर सेंकने के लिए नमक और गरम पानी मांगने आते हैं, बादल मासिक.धर्म के कारण फटते हैं, भगवान भक्त को अपना मोबाइल नम्बर दे जाते हैं, बच्चे थाली में बैठकर बर्फ़ पर स्कीईंग करते हैं, जवान अपने खेत नहीं पहचानते और सपने, मैदानों के जैसी बराबर ज़मीन पर चलने के आते हैं।\u003cbr\u003eतीन ग्लेशियरों के तिराहे पर बसी इस घाटी में भटकते हुए वह धीरे-धीरे कीड़ाजड़ी निकालने वालों, आदिम पर्वतारोहियों, स्मगलरों, दलालों, अनवालों और जागरियों के संसार में खो जाता है। वह हैरान आँखों से देखता है कि कामेच्छा, ‘विकास’ की लीला वहाँ भी रच सकती है जहाँ पहुँचने में सरकारें भी झेंपती हैं।\u003cbr\u003eअनिल यादव का एक ट्रैवलॉग वह भी कोई देस है महराज दस साल पहले आया था। अब पिंडर नदी के धगधग प्रवाह जैसा यह दूसरा . . .\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Penguin Swadesh","offers":[{"title":"Misc","offer_id":46122595582103,"sku":"9780143453734","price":195.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9780143453734.webp?v=1769298582","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/keedajadi-vow-valley-of-words-9780143453734","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}