{"product_id":"kinnar-abujh-rahasyamay-jivan-9789393603395","title":"Kinnar : Abujh Rahasyamay Jivan","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Sharad Dwivedi\u003cbr\u003e • Publisher: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e‘किन्नर : अबूझ रहस्यमय जीवन’ में किन्नरों के दर्द, उनकी खूबी, उनके संस्कार, संस्कृति व परम्पराओं को समाहित किया गया है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eथर्ड जेंडर अर्थात किन्नर कानूनी दायरे में नहीं आते। इनसान होने के बावजूद किन्नर उपेक्षित हैं। इनके हित में कानून तो बने लेकिन उसका जमीनी स्तर पर पालन नहीं हो रहा है। इसके पीछे तर्क दिया जाता है कि किन्नर न स्त्री हैं और न ही पुरुष। फिर उन्हें कोई आरक्षण अथवा कानून का लाभ कैसे दिया जाए? यह स्थिति भारत सहित विश्व के लगभग सभी देशों में है। आखिर यह बड़ी विडम्बना है ना! यहाँ व्यक्ति को बिना किसी गलती की सजा दी जा रही है। उन्हें धार्मिक, सांस्कृतिक पहचान दिलाने की कागजी कार्रवाई शुरू हुई। लेकिन अभी बहुत कुछ करना बाकी है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयह पुस्तक किन्नरों से आत्मीय जुड़ाव कराती है। साथ ही किन्नरों के अधिकार व सम्मान के लिए पुरजोर आवाज उठाने को प्रेरित भी करती है।\u003c\/p\u003e","brand":"Lokbharti Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285645090967,"sku":"9789393603395","price":209.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789393603395.webp?v=1769283960","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/kinnar-abujh-rahasyamay-jivan-9789393603395","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}