{"product_id":"kosambi-kalpana-se-yatharth-tak-9788126727247","title":"Kosambi : Kalpana Se Yatharth Tak","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Bhagwan Singh\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eभारतीय इतिहास के सन्दर्भ में दामोदर धर्मानन्द कोसंबी को मार्क्सवादी इतिहास का जनक माना जाता है, लेकिन यह विडम्बना ही है कि मार्क्सवादी इतिहासकारों तक ने उन पर ऐसा ठोस काम अभी तक नहीं किया है, जिससे कोसंबी को समझना आसान हो सके, और जो उनके अध्ययन की दिशाओं में आगे कुछ जोड़ सके। कोसंबी के अन्तर्विरोधों को रेखांकित करने और उनके पीछे निहित कारणों को जानने की कोशिश लगभग नहीं ही हुई है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eप्रसिद्ध इतिहासकार और लेखक भगवान सिंह की यह पुस्तक इस अर्थ में एक महत्त्वपूर्ण आरम्भ है। इसमें उन्होंने न सिर्फ़ कोसंबी की मौलिक उद्भावनाओं और स्थापनाओं पर विस्तार से विचार किया है, बल्कि उनकी प्रतिपादन-पद्धति का भी विश्लेषण किया है। साथ ही व्यक्ति कोसंबी और एक विलक्षण प्रतिभा के रूप में बनी उनकी 'मूरत' को भी समझने की कोशिश की है। कोसंबी के नाम-जाप से ही अपनी उपलब्धियों का आकाश छूनेवाले इतिहासकारों के विपरीत भगवान सिंह ने इस सुचिन्तित अध्ययन में उनके अन्तर्विरोधों को भी रेखांकित किया है। आमुख में वे लिखते हैं, ‘हमारा अपना प्रयत्न कोसंबी को समझने का रहा है, परन्तु जहाँ वे अपने ही सिद्धान्त के विपरीत आचरण करते दिखाई देते हैं या अपनी सैद्धान्तिकी के विपरीत दावे करते हैं...वहाँ उनकी निन्दा के लिए भी बाध्य हुए हैं।’\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eकहना न होगा कि यह पुस्तक इतिहासवेत्ता कोसंबी को समझने में इतिहास के विद्वानों और अध्येताओं के लिए बहस के नए बिन्दु प्रस्तावित करेगी।\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285654233239,"sku":"9788126727247","price":175.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788126727247.webp?v=1769283986","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/kosambi-kalpana-se-yatharth-tak-9788126727247","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}