{"product_id":"kul-barah-9788189850012","title":"Kul Barah","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Satyajit Ray | Tr. Amar Goswami\u003cbr\u003e • Publisher: Remadhav Publications\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Remadhav Publications\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eअपनी फ़ि‍ल्मों के जरिये पूरी दुनिया में असाधारण शोहरत हासिल करनेवाले सत्यजित राय ने अपने लेखन से भी अपार लोकप्रियता हासिल की।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eअपनी अति व्यस्तता के बावजूद उन्होंने बांग्ला भाषा में जिस विपुल परिमाण में साहित्य लेखन किया, वह किसी को भी विस्मित कर सकता है। अपने पितामह उपेन्द्र किशोर रायचौधरी और पिता सुकुमार राय की तरह किशोरों के लिए साहित्य-सृजन की परम्परा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने जासूस फेलूदा, वैज्ञानिक प्रोफेसर शंकु और बातूनी तारिणी चाचा जैसे नायाब पात्रों को साकार किया। यथार्थ और कल्पना तथा लौकिक और अलौकिक के मेल से उन्होंने दर्जनों ऐसे पात्रों और प्रसंगों को अपनी कहानियों में जीवन्त किया, जिन्हें भुला पाना असम्भव है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eसत्यजित राय की कहानियाँ अकल्पनीय रहस्य-रोमांच से भरपूर हैं, पर ये कहानियाँ परम्परागत रहस्य-रोमांच की कहानियों से बिलकुल भिन्न एक नई भाव-भूमि, एक नए संसार से साक्षात्कार कराती हैं। उनकी अधिकतर कहानियाँ हमारी जानी-पहचानी जगहों और लोगों के बीच से ही कुछ ऐसा उद्घाटित करती हैं जो हमें रोमांचित कर देता है और हमारी कल्पनाशीलता को नई गति प्रदान करता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e‘कुल बारह’ की कहानियों में रहस्य-रोमांच के अलावा मानव मन की बारीकियाँ भी नजर आएँगी। कुतूहल से शुरू होने वाली इन कहानियों का कुतूहल कहानी खत्म होने के बाद भी बना रहता है।\u003c\/p\u003e","brand":"Remadhav Publications","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285558714519,"sku":"9788189850012","price":209.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788189850012.webp?v=1769283752","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/kul-barah-9788189850012","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}