{"product_id":"kullibhat-9788126713714","title":"Kullibhat","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Suryakant Tripathi 'Nirala'\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e‘कुल्ली भाट’ अपनी कथा-वस्तु और शैली-शिल्प के नएपन के कारण न केवल निराला के गद्य-साहित्य की बल्कि हिन्दी के सम्पूर्ण गद्य-साहित्य की एक विशिष्ट उपलब्धि है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयह इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है कि कुल्ली के जीवन-संघर्ष के बहाने इसमें निराला का अपना सामाजिक जीवन मुखर हुआ है और बहुलांश में यह महाकवि की आत्मकथा ही है। यही कारण है कि सन् 1939 के मध्य में प्रकाशित यह कृति उस समय की प्रगतिशील धारा के अग्रणी साहित्यकारों के लिए चुनौती के रूप में सामने आई, तो देशोद्धार का राग अलापनेवाले राजनीतिज्ञों के लिए इसने आईने का काम किया।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eसंक्षेप में कहें तो निराला के विद्रोही तेवर और ग़लत सामाजिक मान्यताओं पर उनके तीखे प्रहारों ने इस छोटी-सी कृति को महाकाव्यात्मक विस्तार दे दिया है, जिसे पढ़ना एक विराट जीवन-अनुभव से गुज़रना है।\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285594759319,"sku":"9788126713714","price":139.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788126713714.webp?v=1769283833","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/kullibhat-9788126713714","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}