{"product_id":"lokpriyata-ke-shikhar-geet-9788183615679","title":"Lokpriyata Ke Shikhar Geet","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Ed. Vishnu saxena\u003cbr\u003e • Publisher: Radhakrishna Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Radhakrishna Prakashan\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eगीत तो गंगा की पावन पवित्र धारा के समान है। गीत का इतिहास बताता है कि हज़ारों वर्षों से चली आ रही इस परम्परा के साथ भले ही वक़्त छेड़छाड़ करता रहा हो, लेकिन उसके मूल स्वरूप को कोई नहीं बिगाड़ पाया, इसलिए ये गंगा पहले भी अपनी शान्त लहरों से जनमानस को आप्लावित करती रही और आज भी कर रही है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eमनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक, गीत अपना अस्तित्व बनाए रखता है, इसलिए हर अवसर पर गीत किसी न किसी रूप में हमारे सामने आकर खड़ा हो जाता है। वैसे अब तक गीतों के अनेक संकलन प्रकाशित हो चुके हैं लेकिन यह संकलन कई मायनों में अपने आप में इसलिए अनूठा है कि इसमें उन गीतों को शामिल किया गया है जो अपने समय में लोगों के गले का कंठहार बने। ये गीत इतने लोकप्रिय हुए कि कवि की पहचान बन गए।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eप्रस्तुत संकलन में काव्य मंच के सभी लोकप्रिय गीतकारों के सर्वप्रिय, चर्चित गीतों को तो शामिल किया गया है, इसके अलावा उन गीतों को भी स्थान दिया गया है जो गीत लोकप्रिय तो होने चाहिए थे, लेकिन उन्हें समय पर उचित मंच नहीं मिला। इसलिए गीतकारों के गीतों की संख्या में भी समानुपात नहीं रखा गया है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eविश्वास है, हिन्दी गीतों का यह ख़ूबसूरत गुलदस्ता हिन्दी काव्य-प्रेमियों को महक तो देगा ही, साथ में तृप्ति का आभास भी कराएगा...।\u003c\/p\u003e","brand":"Radhakrishna Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285559369879,"sku":"9788183615679","price":175.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788183615679.webp?v=1769283752","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/lokpriyata-ke-shikhar-geet-9788183615679","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}