{"product_id":"magic-muhallaa-1-9789388684491","title":"Magic Muhallaa - 1","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Dilip Chitre\u003cbr\u003e • Publisher: Vani Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Vani Prakashan\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e'बीसवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध और इक्कीसवीं के आरम्भ में जिन कवियों ने निर्भीकता, साहस, कल्पना के नवाचार और अपनी प्रगल्भ प्रखरता से काव्यशास्त्र बदला उनमें मराठी कवि दिलीप चित्रे रहे हैं। यह कविता का वितान बदलना भर नहीं था : यह उसके भूगोल का विलक्षण विस्तार था। यह कविता के इतिहास को ताज़ा नज़र से देखकर पुनरायत्त और किसी हद तक पुनराविष्कृत करना था। यह निरन्तर परिवर्तन की क्रान्ति थी जो अब टिकाऊ हो गयी है और अब तक अबाध चल रही है। दिलीप चित्रे द्विभाषिक कवि थे। उन्होंने मराठी के अलावा अंग्रेजी में सीखा, लिखा और कई मराठी-हिन्दी कवियों की कविताओं का अनुवाद भी अंग्रेज़ी में किये। वे चित्रकार थे और उनके कुछ चित्रांकन इस हिन्दी संचयन में शामिल हैं। उन्होंने फ़िल्में भी बनायीं। भारत भवन में रहते उन्होंने शमशेर बहादुर सिंह के कविता-पाठ पर एक बहुत सुन्दर फ़िल्म बनायी थी। उनकी हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत में गहरी पैठ थी और उसके बारे में उन्होंने, जब-तब, मार्मिकता और गहरी संवेदना से लिखा। वे कुशल सम्पादक थे और उन्होंने अंग्रेज़ी और मराठी में कई पत्रिकाओं का बहुप्रशंसित सम्पादन किया। -अशोक वाजपेयी\u003c\/p\u003e","brand":"Vani Prakashan","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":46523155939479,"sku":"9789388684491","price":452.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789388684491.webp?v=1767180322","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/magic-muhallaa-1-9789388684491","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}