{"product_id":"mahabhoj-natak-9788183619769","title":"Mahabhoj Natak","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Mannu Bhandari\u003cbr\u003e • Publisher: Radhakrishna Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Radhakrishna Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eमन्नू भंडारी को इसका श्रेय जाना चाहिए कि उन्होंने अतिपरिचित परिस्थितियों के, इतने व्यापक फलक को, बिना किसी प्रचलित मुहावरे का शिकार हुए, समेट लिया है। इसी नाम से उनके चर्चित उपन्यास का यह नौ दृश्यीय नट्यान्तरण अत्यन्त यथार्थपरक और तर्कसंगत है। इस नाटक में हम समाज में सक्रिय अनेक ताक़तों और ग़रीबों के जीवन पर उनके प्रभाव की परिणतियों को दृश्य-दर-दृश्य खुलते देखते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e...(मोहन) राकेश के बाद पहली बार हम इस नाटक में सुगठित संवादों का श्रवण-सुख भी पाते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e—राजेंद्र पॉल; ‘फ़ाइनेंशियल एक्सप्रेस’।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e‘महाभोज’ सामाजिक यथार्थ का रूखा अंकन मात्र नहीं है, यह बहुत सोचे-समझे, रचनात्मक डिज़ाइन की उत्पत्ति है, साथ ही बहुत सघन भी। इस नाटक को उन राजनीतिक नाट्य-रचनाओं में गिना जाएगा जो सिर्फ़ दर्शकों की भावनाओं और आक्रोश का दोहन मात्र नहीं करतीं, बल्कि यथार्थ की क्रूर और विचलित करनेवाली छवि के शक्तिशाली प्रक्षेपण के द्वारा दर्शक की नैतिक संवेदना को चुनौती देती हैं और उन्हें अपने विवेक की खोज में प्रवृत्त करती हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e—अग्नेश्का सोनी; ‘पेट्रियट’।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eऔर सबसे ज़्यादा यह उपन्यास\/नाटक मन्नू भंडारी की संवेदनशील जागरूकता की एक देन है और नाटककारों की श्रेणी में उनके चिर-अभीप्सित आगमन का प्रमाण भी।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e—कविता नागपाल; ‘द हिन्दुस्तान टाइम्स’।\u003c\/p\u003e","brand":"Radhakrishna Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285700108439,"sku":"9788183619769","price":139.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788183619769.webp?v=1769284102","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/mahabhoj-natak-9788183619769","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}