{"product_id":"main-tumhari-koshi-9789390500352","title":"Main Tumhari Koshi","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Dubey Praveen\u003cbr\u003e • Publisher: Repro Knowledgcast Ltd\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Repro Knowledgcast Ltd\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\"इस पुस्तक इतिहास के पन्नों से झाँकती कुछ प्रेम कहानियों के होने की आश्वस्ति है, एक ईमानदार स्वीकारोक्ति भी कि जहाँ तक बन पड़ा है, इनमें इतिहास के तथ्यों से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। सचमुच लेखक की आश्वस्ति के साथ जब हम ये सत्य कथाएँ पढ़ते हैं तो प्रारंभ में बेशक उर्दू दां भाषा शिल्प की बहुलता हमें चौंकाती है, लेकिन बहुत जल्दी हम उसे भूल इन प्रेम कथाओं के संजीदा और कशिश भरे प्रसंगों में डूबते चले जाते हैं।\" \u003c\/p\u003e\u003cp\u003e \u003c\/p\u003e\u003cp\u003e लेखक की कहानियों में जिस तरह की भाषा-शिल्प का उपयोग किया गया है वह प्रेम और रूमानियत के उजले पक्ष की ओर संकेत करता दिखता है। कई स्थलों पर लेखक ने नकारात्मकता के माहौल में सकारात्मकता के भाव ढूंढ कर उन्हें रेखांकित करने और पाठकों का ध्यान आकर्षित करने में सफलता पाई है। शायद एक समय ऐसा आए कि हम उनकी कहानियों से इतिहास को और भी अच्छे ढंग से समझ सकें।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e \u003c\/p\u003e\u003cp\u003e इतिहास जैसे शुष्क संदर्भों में प्रेम को खोज कर उसे स्नेह के भावों से उकेरना लेखक के शिल्पबोध की गहनता और दृष्टि को दिखलाता है।\u003c\/p\u003e","brand":"Repro Knowledgcast Ltd","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":48227692380311,"sku":"9789390500352","price":3988.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789390500352.webp?v=1788776044","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/main-tumhari-koshi-9789390500352","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}