{"product_id":"main-yamuna-hoon-aur-jeena-chahati-hoon-9789383110971","title":"Main Yamuna Hoon Aur Jeena Chahati Hoon","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Pooja Mehrotra\u003cbr\u003e • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • BISAC: Marine Life\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eदिल्ली हर दिन नई होती जा रही है और उसकी आदिकाल से पहचान रही यमुना नदी दिन-ब-दिन मैली, गंदी और जहरीली होती जा रही है। यमुना को साफ-सुथरी और अविरल केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरा देश देखना चाहता है, लेकिन उसकी सफाई सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी मानी जाती है। दिल्लीवाले इसकी सफाई के लिए कुछ करने को तैयार नहीं हैं, लेकिन स्वयं सरकार की तरफ उँगली उठाने से अपने को कभी नहीं रोक पाते। ऐसा करते समय वे यह भूल जाते हैं कि, एक उँगली सरकार की ओर उठा रहे हैं, लेकिन बाकी उँगलियाँ उनकी ही ओर हैं।क्या सचमुच यमुना की सफाई सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी है, क्या दिल्ली और देशवासियों का यमुना के प्रति कोई उत्तरदायित्व नहीं है? जबकि यमुना को मैली, गंदी और जहरीली बनाने में देशवासियों और दिल्लीवासियों का अहम योगदान है।यह पुस्तक हिमालय की शृंखलाओं में यमनोत्तरी से लेकर प्रयागराज तक की यमुना की व्यथा-कथा बताती है। पुस्तक का उद्देश्य यमुना को बचाने के लिए लोगों को प्रेरित करना और युवाओं को जागरूक करना है; यमुना को बचाने में उन्हें भागीदार बनाना है। यमुना और इसी क्रम में अन्य नदियों को साफ-स्वच्छ रखने के प्रति लोगों को सचेत करती पठनीय पुस्तक।\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":46839679352983,"sku":"9789383110971","price":140.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789383110971.webp?v=1769162138","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/main-yamuna-hoon-aur-jeena-chahati-hoon-9789383110971","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}