{"product_id":"mangla-se-shayan-tak-9789388211291","title":"Mangla Se Shayan Tak","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Achala Nagar\u003cbr\u003e • Publisher: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e'मैं इंसानियत में बसता हूँ\/लोग मुझे मज़हबों में ढूँढ़ते हैं।’\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eज़ि‍न्दगी को आसान कर देनेवाला ये फ़लसफ़ा ही 'मंगला से शयन तक’ का मुख्य आधार है जिसे डॉ. अचला नागर ने इतने रोचक अन्दाज़ में कह दिया कि उपन्यास कहीं भी बोझिल नहीं हो पाता।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइस उपन्यास में वर्तमान और देश के विभाजन उपरान्त के तो ट्रैक एक साथ कहानियाँ सुना रहे हैं। वर्तमान में शहर के जाने-माने और लोकप्रिय गायक-संगीतकार उस्ताद रमजान अली ख़ान जिन्हें सभी प्यार से नन्हें भाई कहते हैं, जो ख़ुद को मज़हबे-इन्सानियत का नुमाइन्दा बतलाते हैं, क्योंकि उन्हें जन्म दिया एक मुसलमान माँ ने, अपना दूध पिला के ज़‍िन्दा रखा एक सिख महिला प्रकाश कौर ने, और पाल-पोस कर संगीत के इस मुकाम तक पहुँचाया हिन्दू महिला पद्ममश्री तारा शर्मा ने, जो हालात की भंवर में डूबते उतराते एक ख्यातिप्राप्त गायिका बन गई थी । अपने कथ्‍य और प्रभाव में बेहद महत्‍त्‍वपूर्ण उपन्‍यास।\u003c\/p\u003e","brand":"Lokbharti Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285565038743,"sku":"9789388211291","price":158.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789388211291.webp?v=1769283762","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/mangla-se-shayan-tak-9789388211291","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}