{"product_id":"mata-jijabai-9789351869474","title":"Mata Jijabai","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Rashmi Ghatwai\u003cbr\u003e • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • BISAC: Women\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eजीजाबाई और शिवाजी के बारे में जितना लिखा जाए उतना कम है । वीरमाता जीजाबाई का जीवन गंगाजल की तरह निर्मल और पवित्र था; साथ ही दीपक की स्निग्धता और सूर्य की प्रखरता भी उनमें विद्यमान थी ।भारत भूमि पर हिंदवी स्वराज्य की स्थापना करने का सपना जिजाउ ने शिवबा की आँखों से देखा । मुगल आदिलशाह और निजामशाह ने अपने अत्याचारों से हिंदुओं पर कहर बरपाया था । ऐसे में हिंदुओं की रक्षा करने का बीड़ा शिवाजी ने बाल्यावस्था में ही उठा लिया था । शिवाजी की वीरता, निडरता, कार्य- कुशलता, रण-चातुर्य आदि सब गुण जिजाउ के संस्कारों से ही उनके खून में उतरे थे ।जिजाउ केवल राजमाता या शिवाजी की ही माता नहीं थीं अपितु स्वराज्यमाता भी थीं । स्वराज्य के निर्माण में वह आदिशक्‍त‌ि और प्रेरणा की स्रोत थीं ।शिवाजी को पिता के साथ रहने का अवसर बहुत कम मिला; लेकिन माता जीजाबाई की छत्रच्छाया उनपर हमेशा रही । शिवाजी की मातृभक्‍त‌ि और जिजाउ का पुत्र-प्रेम-दोनों ही अतुलनीय थे ।\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":46839568793751,"sku":"9789351869474","price":210.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789351869474.webp?v=1769161363","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/mata-jijabai-9789351869474","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}