{"product_id":"matdan-kendra-par-jhapaki-9789387462885","title":"Matdan Kendra Par Jhapaki","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Kedarnath Singh\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eये कविताएँ एक कवि का पक्ष रखती हैं जिसे केदार जी इक्कीसवीं सदी की दूसरी दहाई में आकर पक्षहीन हो चुके हम लोगों को सौंप रहे हैं। ये कविताएँ हिंसा के विशाल परदे के आगे एक मनुष्य का हिंसक होने से इनकार हैं—देखने में बहुत विनम्र, विनीत, लेकिन चट्टान-सा सख़्त, दृढ़ और निर्णायक।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eज़रूरी नहीं कि उनकी सूची में हमारा नाम हो ही, जिनका नाम किसी सूची में नहीं, उनकी भी एक दुनिया है, जिसका नेतृत्व पेड़ करते हैं, और आपस में टकराते सत्ता के काले-पीले-सफ़ेद नारों के बरक्स जिसके पास पृथ्वी के सबसे सटीक और सबसे सुन्दर नारे हैं। वे नारे जो नदियों को उनका पानी, चींटियों को उनके बिल और आँखों को उनकी झपकी लौटा देने की पैरवी कर रहे हैं। इस संग्रह को पढ़ते हुए हमें इन रवहीन नारों की ताक़त का अहसास होता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eकेदार जी अब हमारे बीच नहीं हैं, उनकी कविताओं का यह संकलन एक वसीयत की तरह हमारे पास रहेगा जिसमें संसार की सबसे मूल्यवान वस्तु, मनुष्यता की देखरेख की ज़िम्मेदारी वे हमें सौंप रहे हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e‘‘पृथ्वी के सारे ख़ून एक हैं\/एक ही यात्रा में\/एक ही पृथ्वी-भर लम्बी देह में\/दौड़ रहे हैं वे\/...अरबों धड़कनें एक ही लय में\/घुमा रही हैं दुनिया को\/ हर ख़ून हर ख़ून से बतियाता है।''\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eये कविताएँ अपने सहज, निरायास आग्रह के साथ हमें ख़ून से बातें करते ख़ून की आवाज़ सुनने को कहती हैं। ''क्षमा करें भद्रजन\/यदि फिर पूछ रहा हूँ\/...मेरे देश के एक हाथ को\/एक खुले हुए भूखे मुँह तक पहुँचने में\/कितने बरस लगते हैं?’’ यह एक निर्दलीय प्रश्न है, लेकिन निरपेक्ष नहीं, यह मनुष्यता की आहत कोख में चीख़ता प्रश्न है; उम्मीद है हम इसका जवाब ढूँढ़ने का प्रयास करेंगे!\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285646434455,"sku":"9789387462885","price":88.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789387462885.webp?v=1769283965","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/matdan-kendra-par-jhapaki-9789387462885","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}