{"product_id":"mediclaim-aur-swasthya-beema-9789380823775","title":"Mediclaim Aur Swasthya Beema","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Kshitij Patukale\u003cbr\u003e • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eसन् 1986 में भारत में जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ने पहली मेडिक्लेम पॉलिसी जारी की। बाद में भारतीय जीवन बीमा निगम ने आशादीप, जीवन आशा, नवप्रभात नामक सीमित लाभ देनेवाली हैल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियों की योजना शुरू की। इनसे लोगों में अपने जीवन का बीमा करवाने की प्रवृत्ति शुरू हुई, साथ ही लोगों में स्वास्थ्य बीमा करने का भी चलन शुरू हुआ; और धीरे-धीरे ये सब खूब लोकप्रिय हो गए। इनसे जीते-जी स्वास्थ्य संबंधी चिकित्सकीय व्यय से राहत मिलने लगी और मृत्योपरांत परिजनों को एक राशि, ताकि चले गए प्रियजन के बाद भी परिवार आसानी से चल सके।इस पुस्तक के विद्वान् लेखक का स्पष्‍ट विचार है कि स्वास्थ्य बीमा सिर्फ करों में छूट पाने के लिए न लें, वरन् उसे अपने जीवन की एक अनिवार्य सुविधा समझकर स्वीकारें। अपनी उम्र के अनुसार हैल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी की प्लानिंग कैसे की जा सकती है, इसके बारे में विस्तृत जानकारी पुस्तक में है। साथ ही यह मेडिक्लेम का क्लेम प्रोसेसिंग, कैशलेस हॉस्पिटलाइजेशन, टी.पी.ए., अंडरराइटिंग आदि का मार्गदर्शन भी करती है।मेडिक्लेम तथा हैल्थ इंश्योरेंस की बारीकियाँ बताकर उपभोक्‍ता का अधिकाधिक हितसाधन करनेवाली लोकप्रिय पुस्तक।\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":46839671062679,"sku":"9789380823775","price":140.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789380823775.webp?v=1769162081","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/mediclaim-aur-swasthya-beema-9789380823775","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}