{"product_id":"musafir-hoon-yaaron-9789388365963","title":"Musafir hoon Yaaron","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Naveen Shankar Pandey\u003cbr\u003e • Publisher: Sanmati Publishers \u0026amp; Distributors\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Sanmati Publishers \u0026amp; Distributors\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eघूमने से तन और मन दोनों को ही शान्ति मिलती है । घूमने से व्यक्ति के ज्ञान में भी वृद्धि होती है । प्राचीन भारत में तो शिक्षा का यह एक प्रमुख अंग था । इतना अवश्य है कि व्यक्ति को निरुद्देश्य नहीं भटकना चाहिए । मेरी इन अधिकांश यात्राओं का प्रयोजन कोई प्रवेश परीक्षा रहती थी या इन्टरव्यू रहता था या नौकरी या फिर शोध रहता था । मेरी पूर्व प्रकाशित पुस्तक 'सन् 1857 का गद़र एवं अवध का रण' शोध के क्षेत्र में की गयी यात्राओं का ही परिणाम है । मेरी तमाम यात्रायें तो ईश्वर के प्रति मेरी आस्था के चलते भी हुईं हैं, जिसकी झलक आपको इस पुस्तक में मिलेगी । अपने उत्तर प्रदेश में ही तमाम ऐसे धार्मिक तथा पर्यटन स्थल मौजूद है कि आपको और कहीं बाहर जाने की आवश्यकता ही नहीं है । वैसे तो घूमने के लिए दुनिया भी कम है I लोग चाँद और तारों की भी सैर करना चाहते है और कर भी रहें हैं । मेरा ऐसा मानना है कि घूमने का सीधा सम्बन्ध आर्थिक स्थिति एवं अपनी रुचि पर भी निर्भर करता है ।\u003c\/p\u003e","brand":"Sanmati Publishers \u0026 Distributors","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":48228575740055,"sku":"9789388365963","price":1401.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789388365963.webp?v=1788780090","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/musafir-hoon-yaaron-9789388365963","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}