{"product_id":"nagasaki-ki-vidhvans-katha-9789360860172","title":"Nagasaki Ki Vidhvans-Katha","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Hayashi Kyoko | Harjender Chaudhary | Miki Yuichiro\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cspan\u003eख़तरे की चेतावनी के बिना ऊपर आकाश से पैराशूट के \u003cbr\u003e खुलने के साथ गिर रहे परमाणु बम को कुछ लोग मुँह \u003cbr\u003e बाए देख रहे थे। उन्होंने सोचा कि शायद जहाज़ अमेरिकी \u003cbr\u003e युद्धबन्दियों के लिए खाद्य-सामग्री गिरा रहे हैं। \u003cbr\u003e\u003cbr\u003e ये पंक्तियां उस पल के बारे में हैं जब अमेरिका का बोक्सकार नामक जहाज नागासाकी के ऊपर परमाणु बम गिरा रहा था। इस उपन्यास की लेखिका उस समय स्कूल में पढ़ती थीं और उस दिन सैकड़ों छात्रों और मजदूरों के साथ उस स्थान से कुछ ही दूरी पर श्रमदान में लगी हुई थीं। \u003cbr\u003e\u003cbr\u003e परमाणु-विस्फोट की भुक्तभोगी लेखिका के इस आत्मकथात्मक उपन्यास में नागासाकी पर गिराए गए परमाणु बम के फौरी तथा बाद के समय में सामने आए प्रभावों-अनुभवों का यथार्थ विवरण प्रस्तुत किया गया है। जहाँ आवश्यक था वहाँ उन्होंने सर्वेक्षण-रपटों और अन्य दस्तावेजों का प्रयोग भी इसमें किया है। \u003cbr\u003e\u003cbr\u003e मुख्यतः नौ अगस्त, 1945 की सुबह से लेकर उसके बाद की लगभग दो महीनों की अवधि के दौरान जापान के नागासाकी शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में हुए घटनाक्रम का यह वास्तविक लेखा-जोखा युद्ध के विरुद्ध एक चेतावनी है जो आज के समय, जब युद्ध के लिए एक अजीब सी व्याकुलता विश्व में देखी जा रही है, खास तौर पर प्रासंगिक है। \u003cbr\u003e\u003cbr\u003e इस उपन्यास को पढ़ना एक पीड़ादायी अनुभव है लेकिन इससे गुजरना भी जरूरी है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":47716874977431,"sku":"9789360860172","price":175.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789360860172.webp?v=1776940514","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/nagasaki-ki-vidhvans-katha-9789360860172","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}