{"product_id":"najma-9789389915303","title":"Najma","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Dhirendra Singh Jafa\u003cbr\u003e • Publisher: Vani Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Vani Prakashan\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eनजमा मेहनती तो थी ही, ‘सुजनी सेंटर’ का हर्ष और सहानुभूति भरा वातावरण उसे रास आया और वह पूरे जोश से काम में लग गयी। कुछ ही समय में वह सबसे तेज़ और सबसे कुशल कारीगर बन गयी। स्पेशल काम उसी को दिये जाने लगे। उसकी कमाई बढ़ने लगी। काम का पेमेंट तुरन्त मिल जाने से उसकी गृहस्थी ठीक से चलने लगी। उसका चेहरा भी भर रहा था, हड्डियों पर मांस चढ़ रहा था, और हँसी भी तेज़ हो चली थी। लगभग छह माह के बाद एक दिन नजमा ने बड़ी दीदी से कहा, दीदी, अब आप मेरा हिसाब महीने-महीने ही किया करें, ख़र्चे का हिसाब ठीक रहेगा। बड़ी दीदी को आश्चर्य हुआ कि इस औरत ने अपनी आर्थिक व्यवस्था इतनी सुनियोजित कैसे कर ली। वे प्रसन्न भी बहुत हुईं।\u003c\/p\u003e","brand":"Vani Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46523055767703,"sku":"9789389915303","price":61.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789389915303.webp?v=1767179737","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/najma-9789389915303","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}