{"product_id":"nakbesar-kaga-le-bhaga-9789348157430","title":"Nakbesar Kaga Le Bhaga","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Chandrakishore Jaiswal\u003cbr\u003e • Publisher: Radhakrishna Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Radhakrishna Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eचन्द्रकिशोर जायसवाल की कहानियों में भारतीय जीवन का यथार्थ अपने उसी रूप में आता है, जिस रूप में वह हमारे रोज़मर्रा जीवन का हिस्सा होता है। कोई वाद या विचार उसे न विकृत करता है, न महिमामंडित।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइस संग्रह में उनकी चर्चित कहानी ‘नकबेसर कागा ले भागा’ के अलावा छह और कहानियाँ शामिल हैं जो जीवन के विभिन्न पक्षों और हमारे आसपास के चरित्रों के सामाजिक और मानसिक अन्तर्जीवन का वास्तविक चित्र प्रस्तुत करती हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eचन्द्रकिशोर जायसवाल लोक, परिवेश और जीवन के उपेक्षित क्षेत्रों की गहरी समझ रखते हैं। यही वह चीज़ है जो उनकी कहानियों को विश्वसनीय और समाजशास्त्रीय विवेचन के लिहाज से प्रामाणिक बनाती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइस संग्रह की शीर्षक कथा में उन्होंने भिखारियों के रहन-सहन, उनकी भावनाओं, इच्छाओं और आपस में उनके रिश्तों को अंकित करते हुए मानवीय अनुभवों का एक मार्मिक और यथार्थपरक वितान रचा है।\u003c\/p\u003e","brand":"Radhakrishna Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285692342423,"sku":"9789348157430","price":175.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789348157430.webp?v=1769284085","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/nakbesar-kaga-le-bhaga-9789348157430","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}