{"product_id":"nar-naari-9788126723355","title":"Nar Naari","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Krishna Baldev Vaid\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eयह उपन्यास कृष्ण बलदेव वैद के सबसे चर्चित और बहस तलब रचनाओं में से एक है। उन्होंने हिन्दी की मुख्यधारा से अकसर दूर ही रहते हुए भाषा को ऐसी कृतियाँ दी हैं जो शिल्प के हमारे साथ सोचने के तरीक़ों को भी विचलित करती रही हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e‘नर नारी’ उपन्यास स्त्री की समूची सामाजिक\u003cstrong\u003e, \u003c\/strong\u003eपारिवारिक और दैहिक इयत्ता को केन्द्र में रखता है\u003cstrong\u003e, \u003c\/strong\u003eऔर उनसे जुड़े प्रश्नों पर एक संकुल भावभूमि के परिप्रेक्ष्य में विचार करता है। पितृसत्तात्मक सामाजिक तंत्र में सम्पत्ति के उत्तराधिकार\u003cstrong\u003e, \u003c\/strong\u003eविवाह-संस्था की वैधता\u003cstrong\u003e, \u003c\/strong\u003eयौन- शुचिता और इससे जुड़े कई विधि\u003cstrong\u003e-\u003c\/strong\u003eनिषेधों पर अत्यन्त ज़ोर दिया जाता है। पति-पत्नी\u003cstrong\u003e, \u003c\/strong\u003eबहन-भाई\u003cstrong\u003e, \u003c\/strong\u003eमाँ-बेटे आदि सभी सम्बन्ध अन्तत: इन्हीं सब के सन्दर्भ में परिभाषित होते दिखते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइनके बीच ही मौजूद है स्त्री-पुरुष का आदिम रिश्ता जो एक दूसरी की उपस्थिति को एक प्राकृतिक और समान भूमि पर परिभाषित करता है। बाँझ माँजी\u003cstrong\u003e, \u003c\/strong\u003eरसीला\u003cstrong\u003e, \u003c\/strong\u003eसीमा और मीनू आदि इस उपन्यास के ऐसे स्त्री पात्र हैं जिनका जीवन और दृष्टिकोण इन तमाम प्रश्नों पर अलग-अलग ढंग से प्रकाश डालता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eसंवादों के बीच से ही दृश्यों को साकार करते हुए उपन्यास को पढ़ना जैसे अपने ही मन की भीतरी तहों की यात्रा करने जैसा है। लेखक कहीं पर न पात्रों का बाहरी विवरण देता है\u003cstrong\u003e, \u003c\/strong\u003eन परिस्थितियों का\u003cstrong\u003e, \u003c\/strong\u003eफिर भी सब जैसे पाठक की आँखों के सामने साकार होता चलता है। एक पठनीय और विचारणीय उपन्यास।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e \u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285618286743,"sku":"9788126723355","price":123.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788126723355.webp?v=1769283894","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/nar-naari-9788126723355","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}