{"product_id":"nati-9788180317828","title":"Nati","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Mahashweta Devi\u003cbr\u003e • Publisher: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eबंगाल की प्रसिद्ध उपन्यासकार महाश्वेता देवी की चमत्कारी लेखनी से हिन्दी पाठक पूर्णरूपेण परिचित हो चुके हैं। ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ और ‘साहित्य अकादेमी पुरस्कार’ से सम्मानित महाश्वेता देवी की कृति ‘नटी’ पढ़कर पाठक एक बार फिर चौकेंगे।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eकरीब सवा सौ साल पहले की संगीत-सभा, मुजरा-गोष्ठी, भारतीय स्वातंत्र्य-संग्राम की प्रथम चिनगारी और संघर्ष के वातावरण के बीच मोती नाम की एक नर्तकी की प्रेरणादायक भूमिका का यह इतिहास-खंड एक नई दुनिया की ही सृष्टि करता है। मोती अद्वितीय सुन्दरी थी, अपूर्व नर्तकी, ख़ूब मोहक। लेकिन राजाओं-महाराजाओं के बीच मुजरा करके उनका मनोरंजन करते-करते स्वयं ही एक सिपाही ख़ुदाबख़्श की प्रेयसी बन उसे सारा जीवन संन्यासिनी होकर क्यों बेचैन रहना पड़ा, इसी की कथा है यह—नटी।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eरंग, रेशम, जरी, जेवर और वेणी में तूफ़ान भरकर अनेक मजलिसों से घिरी, घुँघरुओं की झंकार पर थिरकती मोती जब घाघरे का एक वृत्त बनाकर बैठ गई तो उसका सीमाहीन जीवन ख़ुदाबख़्श की एकान्त प्रेम-परिधि में कैसे बँध गया, क्यों? ख़ुदाबख़्श के वक्ष के अतिरिक्त मोती के लिए छिपने का कहीं स्थान नहीं बचा क्यों...क्यों? रंगीन जीवन की अनेकानेक रहस्यमय परतों को एक-एक कर खोलनेवाली और पग-पग पर पाठकों को चौंकानेवाली ‘नटी’ की यह अनुपम कथा एक अनुपम साहित्यिक उपलब्धि है।\u003c\/p\u003e","brand":"Lokbharti Prakashan","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":45285551210647,"sku":"9788180317828","price":210.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788180317828.webp?v=1769283738","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/nati-9788180317828","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}