{"product_id":"nobel-puraskrit-bharatiya-9789355213150","title":"Nobel Puraskrit Bharatiya","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Arun Anand\u003cbr\u003e • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eअल्फ्रेड नोबेल विश्वविख्यात आविष्कारक थे। उनका जीवन प्रेरक तथा अनुकरणीय है। जब वे अपने व्यवसाय के लिए यात्रा नहीं कर रहे होते थे, तब वे अपनी प्रयोगशाला में किसी-न-किसी नए आविष्कार की खोज में लगे रहते थे | विस्फोट की तकनीक के विकास में अल्फ्रेड ने अग्रणी भूमिका निभाई | इसके अतिरिक्त सिंथेटिक रबड़ और चमड़े तथा नकली रेशम जैसे कई प्रकार के पदार्थ एवं रसायनों को विकसित करने में उनकी उपलब्धि स्मरणीय है | अल्फ्रेड नोबेल का निधन 10 दिसंबर, 1896 को इटली के सैन रेमों में हुआ | जब उनकी वसीयत खोली गई तो हर कोई आश्चर्यचकित था । उन्होंने अपनी सारी संपत्ति को भौतिकी, रसायन, शरीर-क्रिया विज्ञान अथवा औषधि, साहित्य एवं शांति के लिए पुरस्कारों के नाम करने का निर्णय किया था | इसी क्रम में “नोबेल फाउंडेशन” की स्थापना हुई, जो अल्फ्रेड नोबेल द्वारा पुरस्कारों के लिए छोड़ी गई संपत्ति की वित्तीय देखभाल तथा नोबेल पुरस्कारों के वितरण का संयोजन भी करता है | नोबेल पुरस्कार की राशि लगभग सवा सात करोड़ रुपए है । किसी भी व्यक्ति के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होना गर्व और गौरव की बात है | इस पुस्तक में ऐसे ही गौरवशाली भारतीय या भारतवंशियों के कृतित्व का परिचय संकलित है, जिनकी प्रतिभा और योग्यता का विश्वभर में जयघोष हुआ है ।हर भारतीय को गौरवान्वित करनेवाली अनुपम कृति |\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46839629250711,"sku":"9789355213150","price":175.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789355213150.webp?v=1769161795","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/nobel-puraskrit-bharatiya-9789355213150","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}