{"product_id":"nyoonatam-main-9789389598681","title":"Nyoonatam Main","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Geet Chaturvedi\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eभारत के दस सर्वश्रेष्ठ युवा लेखकों में से एक।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e—इंडियन एक्सप्रेस\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e21वीं सदी के पहले दशक के मेरे प्रिय कवि व कथाकार हैं गीत चतुर्वेदी।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e—नामवर सिंह\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eगीत चतुर्वेदी ने अपने गल्प व कविताओं में अवां-गार्द भाव दिखाया है। उनका अध्ययन बेहद विस्तृत है जो कि उनकी पीढ़ी के लिए एक दुर्लभ बात है। यह पढ़ाई उनकी रचनाओं में अनायास और सहज रूप से गुँथी दिखती है। उनकी भाषा व शैली अभिनव है। उनके पास सुलझी हुई दृष्टि है, जिसमें क्लीशे नहीं और जो कि वर्तमान विचारधारात्मक खेमों के शिकंजे में भी फँसी हुई नहीं है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e—अशोक वाजपेयी\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eगीत चतुर्वेदी की काव्य-निर्मिति और शिल्प की एक सिफ़त यह भी है कि वे ‘यथार्थ’ और ‘कल्पित’, ठोस और अमूर्त, संगत से विसंगत, रोज़मर्रा से उदात्त की बहुआयामी यात्रा एक ही कविता में उपलब्ध कर लेते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e—विष्णु खरे\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285697945751,"sku":"9789389598681","price":175.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789389598681.webp?v=1769284096","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/nyoonatam-main-9789389598681","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}