{"product_id":"oraang-utaan-9788196219086","title":"Oraang Utaan","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Kabeer Sanjay\u003cbr\u003e • Publisher: Vani Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Vani Prakashan\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eओरांग उटान हम इन्सानों के सबसे क़रीबी रिश्तेदारों में शामिल हैं। जंगल के ऊँचे-ऊँचे वृक्षोंसे ही उनके जीवन की डोर जुड़ी होती है । फ़िलहाल उनका रहवास मलेशिया औरइंडोनेशिया तक सिकुड़ गया है। ख़ासतौर पर बोर्नियो और सुमात्रा के वर्षावनों में।ज़मीन से 60-70 फ़ीट की ऊँचाई पर पेड़ों पर ही उनकी जीवन-क्रिया चलती है। ज़मीन परआना उन्हें पसन्द नहीं । फल उनके भोजन का सबसे बड़ा हिस्सा होता है । ओरांग उटानबुद्धिमान प्राणी हैं। वे कुछ हद तक औज़ारों का भी प्रयोग करते हैं । मलय भाषा में ओरांगउटान का अर्थ जंगल में रहने वाला आदमी है यानी हमारे यहाँ के बनमानुष जैसा कुछ। पॉम ऑयल की खेती के लिए वर्षावनों को बुरी तरह से समाप्त किया जा रहा है । इसके साथ हीओरांग उटान का जीवन भी ख़तरे में पड़ा हुआ है। ज़रूरत इस संकट को समझने की है।\u003c\/p\u003e","brand":"Vani Prakashan","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":46523084570775,"sku":"9788196219086","price":147.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788196219086.webp?v=1767179909","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/oraang-utaan-9788196219086","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}