{"product_id":"pahachan-ke-naam-par-hatyaye-9788126719488","title":"Pahachan Ke Naam Par Hatyaye","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Amin Maluf | Tr. Sharad Chandra\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e‘‘प्रत्येक युग में कुछ ऐसे लोग होते हैं जो यह मानते हैं कि हर व्यक्ति की एक प्रमुख निष्ठा होती है जो हर तरह से औरों से इतनी उत्कृष्ट होती है कि उसे न्यायिक रूप से उसकी पहचान मान लिया जाता है। कुछ के लिए यह उनका राष्ट्र होता है, कुछ औरों के लिए धर्म या वर्ग। किन्तु सारी दुनिया में चारों तरफ़ फैले तरह-तरह के झगड़ों, विवादों पर नज़र दौड़ाने के बाद यह समझने में देर नहीं लगती कि कोई भी एक निष्ठा पूरी तरह सर्वोपरि नहीं होती।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eवहाँ जहाँ लोगों को अपने धर्म के प्रति ख़तरा महसूस होता है, वहाँ उनकी धार्मिक आस्था उनकी सम्पूर्ण पहचान बन जाती है। लेकिन अगर उनकी मातृभाषा या जातीय समुदाय को ख़तरा हो तो वे अपने सधर्मियों से जमकर क्रूरता से लड़ाई करते हैं। तुर्की और खुर्द दोनों ही मुसलमान हैं, हालाँकि उनकी भाषाएँ अलग-अलग हैं; क्या उनके झगड़े कोई कम रक्तरंजित होते हैं? हुतु और टुट्सी दोनों समान रूप से कैथोलिक हैं और एक ही भाषा बोलते हैं, लेकिन यह उन्हें एक-दूसरे का संहार करने से रोक पाता है? चैक और स्लोवेक दोनों कैथोलिक हैं, क्या इसके सहारे वे साथ रह पाते हैं?’’\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eऐसे कई प्रश्न हैं जिन पर प्रस्तुत पुस्तक में बड़ी संजीदगी से विचार किया गया है। लेखक ने जीवन और समाज के कुछ मूलभूत मुद्दों को रेखांकित किया है। दृष्टिकोण वैश्विक है और उद्देश्य मानवता की प्रतिष्ठा। यह कहना उचित होगा कि प्रस्तुत पुस्तक पाठकों को संकीर्णताओं से मुक्त चिन्तन के लिए प्रेरित और निमंत्रित करती है।\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":45285545312407,"sku":"9788126719488","price":175.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788126719488.webp?v=1769283732","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/pahachan-ke-naam-par-hatyaye-9788126719488","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}