{"product_id":"pakistani-urdu-shayari-vol-5-9788119989249","title":"Pakistani Urdu Shayari - Vol. 5","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Ed. Narendranath\u003cbr\u003e • Publisher: Radhakrishna Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Radhakrishna Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eसाहित्य सरहदों से ऊपर होता है, कविता सीमाओं की नहीं, इनसानियत के समूचे वजूद की बात करती है, जो तमाम बँटवारों के ऊपर है और एक है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e‘पाकिस्तानी उर्दू शायरी’ शीर्षक यह शृंखला भारत और पाकिस्तान के उस साझा दिल को रौशन करती है जो लहूलुहान सरहदों के बावजूद दोनों तरफ़ एक साथ, एक ही तरह धड़कता है, उन गलियों, मुहल्लों, खेतों और पगडंडियों का नक़्शा दिखाती है जिनके रंग-ढंग को बँटवारा नहीं बदल सका, उस विरसे की याद दिलाती है, जो तमाम राजनीतिक हठधर्मियों के बावजूद अब भी एक है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइस शृंखला का उद्देश्य पाकिस्तान के उन अनेक शायरों से हिन्दी पाठक का परिचय कराना भी है जिन्हें हम नहीं जानते। वे लोग जो इंडो-पाक मुशायरों और कल्चरल डेलीगेशनों का हिस्सा नहीं होते, लेकिन जिन्होंने कहने के फ़न को तराशा है और तमाम ख़तरों के सामने अपनी बात कहने की हिम्मत दिखाई है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइन शायरों और उनके कलाम को हिन्दी पाठकों तक पहुँचाने के लिए सम्पादकों ने न सिर्फ़ वहाँ के पुस्तकालयों और किताबघरों की ख़ाक छानी है, बल्कि नए-पुराने रिसालों और अख़बारों की फ़ाइलें भी पलटी हैं, और शायरों से ख़तो-किताबत भी की है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e‘पाकिस्तानी उर्दू शायरी’ का यह पाँचवाँ खंड इस शृंखला की नई कड़ी है, जिसमें बारह शायरों की रचनाएँ परिचय के साथ शामिल हैं।\u003c\/p\u003e","brand":"Radhakrishna Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285684117655,"sku":"9788119989249","price":175.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788119989249.webp?v=1769284062","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/pakistani-urdu-shayari-vol-5-9788119989249","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}