{"product_id":"pratinidhi-kahaniyan-amarkant-9788126702473","title":"Pratinidhi Kahaniyan : Amarkant","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Amarkant\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eअमरकान्त की कहानियों में मध्यवर्ग, विशेषकर निम्न-मध्यवर्ग के जीवनानुभवों और जिजीविषाओं का बेहद प्रभावशाली और अन्तरंग चित्रण मिलता है। अक्सर सपाट-से नज़र आनेवाले कथ्यों में भी वे अपने जीवन्त मानवीय संस्पर्श के कारण अनोखी आभा पैदा कर देते हैं। सहज-सरल रूपबन्धवाली ये कहानियाँ ज़िन्दगी की जटिलताओं को जिस तरह समेटे रहती हैं, कभी-कभी उससे चकित रह जाना पड़ता है। लेकिन यह अमरकान्त की ख़ास शैली है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eअमरकान्त के व्यक्तित्व की तरह उनकी भाषा में भी एक ख़ास क़िस्म की फक्कड़ता है। लोक-जीवन के मुहावरों और देशज शब्दों के प्रयोग से उनकी भाषा में माटी का सहज स्पर्श तथा ऐसी सोंधी गन्ध रच-बस जाती है जो पाठकों को किसी छद्म उदात्तता से परे, बहुत ही निजी लोक में ले जाती है। उनमें छिपे हुए व्यंग्य से सामान्य स्थितियाँ भी बेहद अर्थव्यंजक हो उठती हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eअमरकान्त के विभिन्न कहानी-संग्रहों में चरित्रों का विशाल फलक ‘ज़िन्दगी और जोंक’ से लेकर ‘मित्र मिलन’ तक फैला हुआ है। उन्ही संग्रहों की लगभग सब चर्चित कहानियाँ एक जगह एकत्र होने के कारण इस संकलन की उपादेयता निश्चित रूप से काफ़ी बढ़ गई है।\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285615861911,"sku":"9788126702473","price":139.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788126702473.webp?v=1769283884","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/pratinidhi-kahaniyan-amarkant-9788126702473","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}