{"product_id":"prtijnyaa-pratigya-9788121263207","title":"प्रतिज्ञा (Pratigya)","description":"\u003cp\u003e • Author(s): प्रेमचन्द (Premchand)\u003cbr\u003e • Publisher: Gyan Publishing House\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Gyan Publishing House\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eपुस्तक के बारे में -ः प्रतिज्ञा उपन्यास विषम परिस्थितियों में घुट घुट कर जी रही भारतीय नारी की विवशताओं और नियति का सजीव चित्रण है। पूर्णा आश्रयहीन विधवा है। समाज के भूखे भेड़िये उसके संयम को तोड़ना चाहते हैं। उपन्यास में प्रेमचंद ने विधवा समस्या को नए रूप में प्रस्तुत किया है एवं विकल्प भी सुझाया है। इसमें अपनी किसी प्रतिज्ञा को पूरी करने का जिद्दीपन नहीं बल्कि त्याग की अनोखी मिसाल है। इसमें रिष्तों के मखमली अहसासों की गठरी के साथ-साथ भावनाओं का उत्सव भी है। इसमें सामाजिक, पारिवारिक तथा व्यक्तिगत विचारों का संगम है तथा प्रेम की अनोखी व्याख्या के साथ विधवा विवाह के प्रति सकारात्मक भाव भी है। प्रेमचन्द ने हिन्दी कहानी को निष्चित परिप्रेक्ष्य व कलात्मक आधार दिया है। उन्हें भाषा का जादूगर कहा जाता है। उन्होंने अपने षब्दों की जादूगरी से प्रतिज्ञा को अमर बना दिया है।\u003c\/p\u003e","brand":"Gyan Publishing House","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46194883297431,"sku":"9788121263207","price":60.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788121263207.webp?v=1769299283","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/prtijnyaa-pratigya-9788121263207","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}