{"product_id":"rochak-bodhkathayein-9789353225438","title":"Rochak Bodhkathayein","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Dulichand Jain ‘Sahityaratna’\u003cbr\u003e • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eप्राचीन काल से ही भारत में शिक्षा के साथ संस्कार निर्माण को महत्त्वपूर्ण स्थान प्राप्त था। कहानियों की विधा का भी हमारे सामाजिक जीवन में महत्त्वपूर्ण स्थान रहा है। वेदों, उपनिषदों, पुराणों, रामायण, महाभारत, जातक कथाओं एवं जैन कथाओं के द्वारा अनेक कहानियों को रोचक ढंग से सुनाकर विद्यार्थियों को सुसंस्कारित किया जाता था। प्रस्तुत पुस्तक में एक तिहाई कहानियों को भारत की संस्कृति और परंपरा के आधार पर संग्रहीत किया गया है। एक तिहाई कहानियों को मानवीय जीवनमूल्यों यथा अहिंसा, करुणा, निस्स्वार्थ प्रेम, मैत्रीभाव और सेवा के आधार पर संकलित किया गया है। एक तिहाई भाग में रोचक जैन कथाओं का संकलन है। प्रत्येक कहानी में एक संदेश है, जो हमारे जीवन पर अमिट प्रभाव डालता है। अधिकांश कहानियाँ सरल और रोचक भाषा में हैं।अच्छा कर्म, अच्छा ज्ञान, अच्छा चरित्र, इंद्रिय-विजय, मन पर नियंत्रण, भावना, एकाग्रता एवं स्मरण-शक्ति जैसे सद्गुणों को जब कहानियों में गुंफित किया जाता है तो वे बहुत रोचक हो जाते हैं।मानव-मूल्यों को सर्वसुलभ बनाने के लिए प्रेरक बोधकथाओं का उत्कृष्ट संकलन।—दुलीचंद जैन\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46839602184343,"sku":"9789353225438","price":140.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789353225438.webp?v=1769161603","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/rochak-bodhkathayein-9789353225438","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}