{"product_id":"safdar-vyaktitva-aur-krititva-9788126709892","title":"Safdar : Vyaktitva aur krititva","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Safdar Hashmi\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e‘जन नाट्य मंच’ के संस्थापक सदस्य और सुविख्यात युवा रंगकर्मी सफ़दर हाशमी की स्मृति से जुड़ी यह पुस्तक साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में एक अलग तरह का महत्त्व रखती है। एक ओर जहाँ इसमें सफ़दर के कुछ नुक्कड़ नाटक, नुक्कड़ नाटक सम्बन्धी कुछ आलेख, गीत, कविताएँ तथा उनसे किया गया एक साक्षात्कार शामिल हैं, वहीं दूसरी ओर साहित्य और रंगमंच से जुड़े कई महत्त्वपूर्ण व्यक्तियों की क़लम से उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को विश्लेषित करनेवाले निबन्ध भी हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eसफ़दर एक जुझारू संस्कृतिकर्मी थे और इसके लिए उन्होंने नुक्कड़ नाटक को न सिर्फ़ एक विधा के तौर पर अपनाया, बल्कि जनवादी आन्दोलनों के पक्ष में एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया; उस पर सोचा, उसे रचा और फिर लाखों लोगों तक उसे ले गए। इसके माध्यम से उन्होंने वर्तमान दौर के अनेक ज्वलन्त सवालों और समस्याओं से सीधे-सीधे टकराते हुए उनके प्रति लाखों लोगों में एक नई वैचारिक जागरूकता और एक नया नज़रिया पैदा किया।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eवे एक ऐसे बुद्धिजीवी थे, जो हर पल कर्म में घटित होते हैं और अपनी गतिशीलता से हर उस ठहराव को तोड़ते हैं जिसके कारण जीवन में कहीं भी सड़ाँध पैदा होती है। वस्तुतः सफ़दर का सम्पूर्ण जीवन, कर्म और कृतित्व वर्तमान जनवादी संघर्षों के सन्दर्भ में अपूर्व प्रेरणाओं से भरा हुआ रहा और यह कृति उनके प्रखर ऊर्जावान व्यक्तित्व तथा असमय समाप्त कर दी गई उनकी अकूत रचनात्मक क्षमता का संक्षिप्त, किन्तु दस्तावेज़ी साक्ष्य प्रस्तुत करती है।\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285561729175,"sku":"9788126709892","price":209.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788126709892.webp?v=1767668606","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/safdar-vyaktitva-aur-krititva-9788126709892","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}