{"product_id":"sagar-ki-rochak-baaten-9789387980020","title":"Sagar Ki Rochak Baaten","description":"\u003cp\u003e • Author(s): S.G. Mishra | Dinesh Mani\u003cbr\u003e • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • BISAC: Science Fiction - General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eजब ईश्‍वर ने पृथ्वी बनाई तो उसके दो-तिहाई हिस्से को जल देकर भर दिया । हो सकता है, इसमें उसका कुछ उद‍्देश्य रहा हो; किंतु हम पृथ्वीवासियों के लिए यह बड़े फायदे की बात है । इतना अधिक जल धरती के बाकी सूखे टुकड़े को वातानुकूलित रखता है और हम पृथ्वी पर रहनेवाले जीवित प्राणी सूर्य की गरमी से नष्‍ट होने से बचे रहते हैं । इसके अलावा इतने बड़े जलाशय की आवश्यकता प्रकृति को स्वयं के आसवन उपकरण-सूर्य की सहायता से पीने योग्य पानी उपलब्ध कराने के लिए थी ।औसतन एक घन किलोमीटर समुद्री जल में लगभग चार करोड़ दस लाख टन नमक होता है । यह अनुमान लगाया गया है कि संपूर्ण जलमंडल में इतना नमक है, जो पूरे संसार को 150 मीटर मोटी नमक की परत से ढक सकता है ।नमक के अलावा समुद्र में दूसरे खनिज भी होते हैं । एक घनमील समुद्र के पानी में पंद्रह करोड़ टन से ज्यादा खनिज होते हैं । उनमें से एक अत्यंत महत्वपूर्ण खनिज है 'आयोडीन' । दूसरा है ' ब्रोमीन ' । संसार- भर की ब्रोमीन का 9\/10 हिस्सा समुद्र में ही होता है । ब्रोमीन का उपयोग फोटोग्राफी की प्लेटों और अनेक दवाओं में होता है । इसके अतिरिक्‍त सागर ओषधियों का भी भंडार है ।सागर की ऐसी ही रोचक तथा वैज्ञानिक जानकारी के लिए प्रस्तुत है-' सागर की रोचक बातें ' ।\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":46839704289431,"sku":"9789387980020","price":210.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789387980020.webp?v=1769162307","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/sagar-ki-rochak-baaten-9789387980020","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}