{"product_id":"samarthya-aur-seema-9788126700585","title":"Samarthya Aur Seema","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Bhagwaticharan Verma\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eमनुष्य समर्थ है और समझता है कि इस सामर्थ्य का स्रोत वही है और वही इसका उपार्जन करता है। वह केवल अपने सामर्थ्य को ही देखता है, अपनी सीमाओं को नहीं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e‘सामर्थ्य और सीमा’ अपने सामर्थ्य की अनुभूति से पूर्ण कुछ ऐसे विशिष्ट व्यक्तियों की कहानी है जिन्हें परिस्थितियाँ एक स्थान पर एकत्रित कर देती हैं। हर व्यक्ति अपनी महत्ता, अपनी शक्ति और सामर्थ्य से सुपरिचित था—हरेक को अपने पर अटूट अविश्वास था। लेकिन परोक्ष की शक्तियों को कौन जानता था जो इनके इस दर्प को चकनाचूर करने को तैयार हो रही थीं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eभगवतीचरण वर्मा के उपन्यासों की विशेषता वृहत् सामाजिक-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में व्यक्ति के मनोभावों का बारीक अंकन रही है—यह उपन्यास स्वातंत्र्योत्तर पात्रों के जीवन का चित्रण करता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e‘सामर्थ्य और सीमा’ महान संघर्ष से युक्त जीवन का सशक्त और रोचक चित्रण है।\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285562450071,"sku":"9788126700585","price":209.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788126700585.webp?v=1769283758","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/samarthya-aur-seema-9788126700585","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}