{"product_id":"sant-raidas-9788180312335","title":"Sant Raidas","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Yogendra singh\u003cbr\u003e • Publisher: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eसन्त रैदास का मध्यकालीन हिन्दी भक्ति साहित्य के सर्वाधिक ख्यातिप्राप्त शीर्ष कवियों में महत्त्वपूर्ण स्थान रहा है। सन्त प्रवर की रचनाओं में जो स्फुट पद, साखियाँ तथा एक प्रबन्धात्मक रचना ‘प्रह्लाद चरित’ उपलब्ध हुए हैं, उन्हें पुस्तक में देने की चेष्टा की गई है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eसन्त रैदास को अपने समय में पर्याप्त सम्मान तथा ख्याति मिली, किन्तु उनका अन्त्यज वर्ग में जन्म लेना उनको लगातार सामाजिक यातना भी देता रहा। उनके जन्म के समय कुछ दन्तकथाएँ प्रचलित करके उनको पूर्व जन्म में ब्राह्मण सिद्ध करने की चेष्टा की गई। यह प्रयास भी उनके मूल कर्तव्य तथा सम्पूर्ण विचारधारा का प्रत्यावर्त्तन ही था। प्रस्तुत ग्रन्थ में लेखक ने इन सम्पूर्ण बिन्दुओं पर विचार प्रस्तुत करते हुए जहाँ सन्त रैदास के साहित्य की समाजेतिहासिक सन्दर्भों में समीक्षा प्रस्तुत की है वहीं इस ग्रन्थ में सन्त रैदास का साहित्यिक दृष्टि से मूल्यांकन भी प्रस्तुत किया है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eसामग्री को संकलित करने में लेखक को विभिन्न मठों, सम्बन्धित सम्प्रदाय के स्थलों, पुस्तकालयों तथा हस्तलिखित प्रतियों के संकलनकर्ताओं से सम्पर्क करना पड़ा और अनेक पाठ–भेद भी मिले। पाठ–भेदों को यथाशक्ति पाद–टिप्पणियों में देने की चेष्टा की गई है। छात्रों, अध्येताओं के लिए एक ज़रूरी पुस्तक।\u003c\/p\u003e","brand":"Lokbharti Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285562810519,"sku":"9788180312335","price":123.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788180312335.webp?v=1769283759","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/sant-raidas-9788180312335","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}