{"product_id":"sanvali-ibaaratein-9789360866938","title":"Sanvali Ibaaratein","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Anupam Singh\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cspan class=\"a-text-bold\"\u003e‘साँवली इबारतें’\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e की कविताएँ एक ऐसे समय में लिखी गई हैं, जिसमें न्याय, सौन्दर्य और मनुष्य जीवन को सँवारने वाली कोमलता का विलोप हो रहा है। ऐसे में कविता लिखना मृत्यु पाने का निमंत्रण भी बन सकता है। समानता की लालसा रखने वाले लोगों पर रोज़ गोलियाँ चल रही हैं, फिर भी कवि अपने लिए इससे बेहतर काम नहीं खोजना चाहती। कविता ही उसका घर है; यहीं वह अपने मित्रों, शत्रुओं और मृत्यु को भी आने का निमंत्रण देती है। \u003cbr\u003e\u003cbr\u003e वह अपने शहर, मोहल्ले या देश से भी निष्कासित नहीं होना चाहती। वह इसी शहर में रहेगी जहाँ वह रहती है, जहाँ बसने में किसी ईश्वर ने उसकी मदद नहीं की बल्कि पड़ोसी, अजनबी लोग, यहाँ तक कि यहाँ के पेड़-पौधे ही ज़्यादा हितकारी रहे। इस जुझारू जीवन-अनुभव के कारण वह उन लोगों को सलाह देती है जो कविता को किसी तमग़े की तरह पहनना चाहते हैं, उसके जोखिम को नहीं उठाते। इस अन्धकार भरे समय में प्रेम करना भी जोखिम-भरा काम है, उतना ही जितना कविता लिखना लेकिन कवि की पूरी संलग्नता है इस पदार्थीय जीवन से। वह देखती और समझती है कि यह सारी प्रकृति, कायनात सारी, अपने जगरूप में बेहद सुन्दर है और मनुष्य के लिए कल्याणकारी भी। वह आश्वस्त है कि उसकी आँखों के जल में यह रोशनी-भरा संसार अपना जगरूप देख सकता है जैसे कि मनुष्य अपने सुन्दर विचारों की रूपरेखा अपने सामाजिक संघर्षों के ताप से बनते हुए देख सकता है। \u003cbr\u003e\u003cbr\u003e इस संग्रह की कविताएँ अपनी भाषा और कथ्य में इतनी सँवरी हुई हैं कि उन्हें परिपक्व कहना भी उनके कवित्व को संकुचित करने जैसा होगा। कवि अपनी राजनैतिक चेतना का विस्तार हवाओं को अपनी देह सौंपने का निर्णय लेकर करती है जो समकालीन अधिनायक तंत्र को नई चुनौती देने जैसा है। ये कविताएँ हमें नई राह पर चलने के लिए प्रेरित करती हैं। हमारे समय की इस स्त्री कवि में इतना आत्मविश्वास और मेधा है कि यदि वह सबको साथ लिये चले तो सब चल भी पड़ेंगे उजले भविष्य की ओर। \u003cbr\u003e\u003cbr\u003e —सविता सिंह\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":47716887134359,"sku":"9789360866938","price":175.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789360866938.webp?v=1776940572","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/sanvali-ibaaratein-9789360866938","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}