{"product_id":"sarkar-ka-ghara-9788177211023","title":"Sarkar Ka Ghara","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Yagya Sharma\u003cbr\u003e • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eसरकार का घड़ा—यज्ञ शर्मायज्ञ शर्मा समकालीन हिंदी व्यंग्य साहित्य के उन सशक्त व्यंग्यकारों में से हैं, जो अपने समय की विसंगतियों को बखूबी पहचानते हैं और उनपर सार्थक प्रहार करते हैं। छोटे-छोटे वाक्यों में नावक के तीर जैसे आकार में छोटे परंतु तीक्ष्ण प्रहार करनेवाले व्यंग्य लेखों की रचना करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी रचना में से अनावश्यक वाक्य तो दूर की बात है, अनावश्यक शब्द भी रेखांकित करना कठिन है। उनकी व्यंग्य-भाषा अपनी सभी शक्तियों से लैस होकर कथ्य को सटीक अभिव्यक्ति प्रदान करती है। भाषा के इन प्रयोगों में वे शरद जोशी की परंपरा के व्यंग्यकार हैं। वे अपने आस-पास घटनेवाली सामाजिक, राजनीतिक आदि घटनाओं के प्रति निरंतर सजग रहते हैं और एक कुशल व्यंग्यकार की तरह उनपर रचनात्मक आक्रमण करते हैं।सामाजिक सरोकारों से जुड़े ‘सरकार का घड़ा’ संग्रह के व्यंग्य जहाँ एक ओर पाठक को सामाजिक विसंगतियों के प्रति शिक्षित करते हैं, वहीं अपनी रोचकता में एक उपन्यास का सा आनंद भी देते हैं। इन रचनाओं में राजनीतिक और सामाजिक विसंगतियों में फँसे आम आदमी की पीड़ा अभिव्यक्त हुई है, जो पाठक को संवेदनशील बनाती है।—प्रेम जनमेजय\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":46839479140503,"sku":"9788177211023","price":140.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788177211023.webp?v=1769160755","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/sarkar-ka-ghara-9788177211023","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}