{"product_id":"shaharnama-faizabad-9789352295838","title":"Shaharnama Faizabad","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Ed. by Yatindra Mishra\u003cbr\u003e • Publisher: Vani Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Vani Prakashan\u003cbr\u003e • BISAC: History - General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eइतिहास के पन्नों पर फ़ैज़ाबाद शहर अवध की नवाबकालीन शासन व्यवस्था व संस्कृति का प्रवेश द्वार है। इसी से होकर अवध के उन गलियारों में जाया जा सकता है, जिसने इस अद्भुत गंगा-जमुनी तहज़ीब वाले समय की आधारशिला रची है। फ़ैज़ाबाद को अवध के नवाबी दौर की पहली राजधानी होने का गौरव प्राप्त है।... और यह भी कि बाद में यहाँ से उठकर जब नवाबी शासन की सारी रस्मो- रवायत व संस्कृति लखनऊ जाकर अपना अस्तित्व पाती है, तो उसमें कहीं नींव की ईंट की तरह फ़ैज़ाबाद (तत्कालीन बंगला) ही धड़कता मिलता है।‘शहरनामा फ़ैज़ाबाद’ कहीं न कहीं आधुनिक ढंग से इस पुराने शहर की परम्परा और संस्कृति को नये सन्दर्भों में देखने का एक रीडर या गाइड सरीखा है, जिसे हम 'सांस्कृतिक-गजेटियर' की तरह भी बरत सकते हैं। यह पुस्तक जो पूरी तरह इतिहास में प्रवेश करके वर्तमान तक लौटती है, इसमें तमाम ऐसे रास्ते और पगडण्डियाँ आसानी से देखी जा सकती हैं, जिनसे होकर हम अपनी सभ्यता में रचे-बसे पुराने शहर का कोई ऐतिहासिक पाठ बना सकते हैं। ऐसा पाठ, जो वर्तमान और अतीत के किसी निर्णायक बिन्दु पर आपकी जवाबदेही तय करता है। फ़ैज़ाबाद को यह गौरव हासिल रहा है कि इस शहर ने नवाबी संस्कृति के आगाज़ और यहीं से उसके प्रस्थान का बदलता हुआ दौर देखा है। यह वह शहर है, जहाँ अपने सारे गंगा-जमुनी प्रतीकों के साथ रहते हुए, हिन्दुओं की आस्था नगरी व सप्तपुरियों में से एक अयोध्या भी स्थित है। यह फ़ैजाबाद ही है, जिसने 1857 ई. के पहले स्वतन्त्रता आन्दोलन के लिए बड़ी सार्थक ज़मीन उपलब्ध करायी है और बाद में आज़ादी की लड़ाई के दौर में क्रान्तिकारियों के रूप में हमें अधिसंख्य नायक दिये हैं।'शहरनामा फ़ैज़ाबाद' को लेकर कुछ प्रमुख बिन्दुओं की ओर भी ध्यान देना आवश्यक है, जिसके आधार पर ही इस पूरे ग्रन्थ का निर्माण किया गया है। इसमें सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि फ़ैज़ाबाद शहर का जो ऐतिहासिक मूल्यांकन किया गया है, उसके लिए इतिहास - निर्धारण की तिथि वहाँ से ली गयी है, जब नवाब सआदत ख़ाँ 'बुरहान-उल-मुल्क', 1722 ई. में इस शहर की आधारशिला अवध की राजधानी के तौर पर रखते हैं। अतः इस पुस्तक में विवेचित सामग्री, उसी वर्ष से अपना अस्तित्व पाती है।\u003c\/p\u003e","brand":"Vani Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46523165802647,"sku":"9789352295838","price":672.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789352295838.webp?v=1767180378","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/shaharnama-faizabad-9789352295838","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}