{"product_id":"sifarnama-9789355433756","title":"Sifarnama","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Anil Jeengar\u003cbr\u003e • Publisher: Manjul Publishing House\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Manjul Publishing House\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eयह कविता संग्रह जीवन के विभिन्न पहलुओं, भावनाओं और अनुभवों को दर्शाता है। इसमें प्रेम, विरह, प्रकृति और मानवीय संबंधों पर केंद्रित कविताएँ शामिल हैं। कवि ने अपनी रचनाओं में गहन विचारों और सरल भाषा का सुंदर सामंजस्य स्थापित किया है, जो पाठकों को एक अद्वितीय अनुभव प्रदान करता है। यह संग्रह न केवल भावनाओं को छूता है बल्कि सोचने पर भी मजबूर करता है।पुस्तक में कुछ कवितांश भी दिए गए हैं:•\"मुझमें ही तो मैं नहीं, मैं मुझमें नहीं सिफर पर खड़ा हूँ। और सिफर ही सही\"•\"मैं क्यों लिखता हूँ? बस ऐसे ही जैसे सुबह-सुबह परिंदे कुछ गुनगुनाते हैं। धूप, छाँव, सर्दी, गर्मी... जैसे शाम ढलते ही सितारे झाँकते हैं। और चाँद और सूरज का उदीयमान होना। जैसे हर पत्ता एक दूसरे पर मुस्कुराता है और एक-दूसरे को छूता है अपनी बातें करता है। मैं क्यों लिखता हूँ? बस ऐसे ही।\"oअनुपम\u003c\/p\u003e","brand":"Manjul Publishing House","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46849093271703,"sku":"9789355433756","price":195.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789355433756.webp?v=1769595916","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/sifarnama-9789355433756","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}