{"product_id":"sty-ke-pryog-athvaa-aatmkthaa-satya-ke-prayog-athava-atmakatha-9788121265041","title":"सत्य के प्रयोग अथवा आत्मकथा (Satya Ke Prayog Athava Atmakatha)","description":"\u003cp\u003e • Author(s): महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi)\u003cbr\u003e • Publisher: Gyan Publishing House\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Gyan Publishing House\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eपुस्तक के बारे में -सत्य के प्रयोग, महात्मा गांधी की आत्मकथा है। यह आत्मकथा उन्होने गुजराती भाषा में लिखी थी। मोहनदास करमचंद गांधी ने ‘सत्य के प्रयोग’ अथवा ‘आत्मकथा’ का लेखन बीसवीं शताब्दी में सत्य, अहिंसा और ईश्वर का मर्म समझने-समझाने के विचार से किया था। गांधी जी ने 29 नवंबर, 1925 को इस किताब को लिखना शुरू किया था और 3 फरवरी, 1929 को यह किताब पूरी हुई थी। हर 27 नवम्बर को ‘सत्य का प्रयोग’ के आधारित प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता हैं। यहां कुछ उक्तियां हैं जो गांधी जी ने अपनी आत्म कथा सत्य के प्रयोग -में कही हैं। ये उनके जीवन दर्शन को दर्शाती हैं। पिछले तीस सालों से जिस चीज को पाने के लिये लालायित हूं वो है स्व की पहचान, भगवान से साक्षात्कार, और मोक्ष। इस लक्ष्य के पाने के लिये ही मैं जीवन व्यतीत करता हूं। मैं जो कुछ भी बोलता और लिखता हूं या फिर राजनीति में जो कुछ भी करता हू वो सब इन लक्ष्यो की प्राप्ति के लिये ही है।\u003c\/p\u003e","brand":"Gyan Publishing House","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46194889457815,"sku":"9788121265041","price":168.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788121265041.webp?v=1769299305","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/sty-ke-pryog-athvaa-aatmkthaa-satya-ke-prayog-athava-atmakatha-9788121265041","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}