{"product_id":"teen-ekant-9789360861476","title":"Teen Ekant","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Nirmal Verma\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eतीन एकान्त निर्मल वर्मा की तीन कहानियों (‘धूप का एक टुकड़ा’, ‘डेढ़ इंच ऊपर’ और ‘वीक-एंड’) का नाट्य-पाठ है जिसका मंचन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रेपर्टरी कम्पनी ने 1975 में किया था। ‘कहानी का रंगमंच’ के प्रणेता देवेन्द्र राज अंकुर इस चर्चित प्रस्तुति के निर्देशक थे।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइन कहानियों और उनके इस नाट्य-पाठ के सम्बन्ध में उल्लेखनीय यह है कि यह उन कहानियों का नाट्य-रूपान्तर नहीं है, कहानियों के मूल पाठ की तस-की-तस प्रस्तुति है जिसमें मंच पर कहानी की नाटकीयता को सामने लाने के लिए निर्देशकीय संकेत और मंच-विवरण जोड़ दिए गए हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eतीनों ही कहानियाँ ‘मोनोलॉग’ हैं जो स्मृति में आकार ग्रहण करती हैं और एक व्यक्ति के एक लम्बे संवाद के रूप में खुलती हैं। निर्मल जी के शब्दों में ‘उनके बीच एकमात्र समानता यह थी कि वे मोनोलॉग स्वर में रची गई थीं, जब अकेलेपन के क्षणों में व्यक्ति अपने से ही बोलने लगता है। ...परम्परागत अर्थ में इसे नाटकीय संवाद नहीं कहा जा सकता। किन्तु जो शब्द अपने से कहे जाते हैं, वहाँ ‘स्व’ ही लड़ाई का मैदान बन जाता है...।’\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eअपने समय के समर्थ अभिनेताओं ने इस आत्मसंघर्ष को जिस सम्पूर्णता में साकार किया था, वह इस पाठ में भी दिखाई देता है। अपने निर्देशकीय वक्तव्य में देवेन्द्र राज अंकुर इन्हें ‘अकेलेपन के कुछ क्षणों में पात्रों के स्वयं से साक्षात्कार की कहानियाँ’ कहते हैं। इसी को रेखांकित करने के लिए प्रस्तुतियों को एक सम्मिलित नाम ‘थ्री टेक्स्ट्स इन सॉलिट्यूड’ दिया गया था। \u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285695291543,"sku":"9789360861476","price":139.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789360861476.webp?v=1769284089","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/teen-ekant-9789360861476","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}