{"product_id":"trishanku-9788171197729","title":"Trishanku","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Mannu Bhandari\u003cbr\u003e • Publisher: Radhakrishna Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Radhakrishna Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eसाठोत्तरी महिला कथाकारों में मन्नू भंडारी का विशिष्ट स्थान है। मन्नू भंडारी की कथा-यात्रा लगभग चार दशकों में फैली हुई है। 1960 के आसपास ‘नई कहानी’ आन्दोलन से नौवें दशक तक वे लगातार कहानियाँ लिखती रहीं। हिन्दी कहानी के विविध पड़ाव और आन्दोलन उनकी रचनाशीलता को अवरुद्ध नहीं कर पाए। मन्नू जी की कहानियाँ सामाजिक सन्दर्भों में स्त्री-पुरुष सम्बन्धों को व्याख्यायित ही नहीं करतीं, बल्कि मध्यवर्गीय जीवन यथार्थ के विविध पक्षों को शिद्दत से व्यक्त करती हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eएक निश्चित कालखंड की कहानियों का प्रतिनिधित्व करती ‘त्रिशंकु’ की इन कहानियों के पात्र जीवन के सिमटते-फैलते दायरों में सम्बन्धों के नकार और नए सिरे से अपने-अपने व्यक्तित्वों को स्वीकारने की ऊहापोह में जीते हैं। इन कहानियों में स्त्री-पुरुष सम्बन्धों के बनने-बिगड़ने की तफ़सीलें ही नहीं, मध्यवर्गीय समाज के मनोलोक की जटिलताएँ भी हैं। स्त्री-पुरुष सम्बन्धों के विविध पक्षों के साथ इस संग्रह की कहानियों में समय-सापेक्ष पारदर्शिता है। सम्बन्धों को ढोते रहने की थकन और प्रेम की प्रवहमान ऊष्मा है। ‘त्रिशंकु’, ‘आते-जाते यायावर’ और ‘दरार भरने की दरार’ जैसी चर्चित कहानियाँ नारी-पुरुष सम्बन्धों को कई कोणों से परिभाषित करती हैं। सहज कथा-विन्यास और शिल्प के संयोजन की दृष्टि से ‘त्रिशंकु’ की कहानियों का हिन्दी कथा साहित्य में स्थायी महत्त्व है।\u003c\/p\u003e","brand":"Radhakrishna Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285671174295,"sku":"9788171197729","price":175.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788171197729.webp?v=1769284028","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/trishanku-9788171197729","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}