{"product_id":"upyatra-9788119092444","title":"Upyatra","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Md. Arif\u003cbr\u003e • Publisher: Radhakrishna Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Radhakrishna Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eभारत में साम्प्रदायिक दंगे तो 6 दिसम्बर, 1992 के पहले भी होते थे, मगर तब उसका प्रभाव स्थानीय स्तर पर ही होता था। किसी शहर में दंगा हो रहा हो तो दूसरे शहर के हिन्दू-मुसलमान उसको लेकर चिन्तित भले ही होते थे, मगर आपसदारी में कोई कमी नहीं आती थी। बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद स्थिति बदल गई। इस घटना ने पूरे देश के अल्पसंख्यक समुदाय के अन्दर दहशत और असुरक्षाबोध पैदा कर दिया। पहली बार भारत की लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष व्यवस्था के प्रति अल्पसंख्यकों का विश्वास डगमगाया। इस उपन्यास में इसी बदले हुए माहौल में भय और नाउम्मीदी के बीच जी रहे अल्पसंख्यक समुदाय के एक युवक के अन्तर्लोक और बाह्यलोक की पड़ताल करने की कोशिश की गई है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e‘उपयात्रा’ मो. आरिफ का दूसरा उपन्यास है। पहला उपन्यास उन्होंने अंग्रेज़ी में लिखा था। इस तरह हिन्दी में यह पहला ही है और इस दृष्टि से यह कृति लेखक की असीम सम्भावनाओं के प्रति आश्वस्त करती है। लेखक ने समय की विसंगतियों और विडम्बनाओं को झेल रहे एक नवयुवक के अन्तर्द्वन्द्वों को बहुत ही गहराई से उभारा है। बीसवीं शताब्दी के आख़िरी कुछ वर्षों में हिन्दीभाषी समाज में आई उथल-पुथल को समझने की दृष्टि से यह एक उल्लेखनीय कृति है।\u003c\/p\u003e","brand":"Radhakrishna Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285669339287,"sku":"9788119092444","price":175.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788119092444.webp?v=1769284023","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/upyatra-9788119092444","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}