{"product_id":"urja-sankat-aur-hamara-bhavishya-9789389598322","title":"Urja Sankat Aur Hamara Bhavishya","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Gunakar Muley\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan, Akshar\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan, Akshar\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eवर्तमान ऊर्जा-संकट का प्रभाव समाज के सभी वर्गों पर पड़ रहा है। कोयले और तेल की कमी से किसानों, कारख़ानों और घरेलू उपयोग के लिए बिजली का नियमित मिलना कठिन हो गया है। आज साधारण जन यह जानने के लिए उत्सुक है कि इस संकट का निवारण कब और कैसे होगा?\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eखनिज तेल की कमी और उसके मूल्यों में अत्यधिक वृद्धि के कारण हमें सौर-ऊर्जा, परमाणु-ऊर्जा, तप्तकुंड-ऊर्जा, ज्वार-भाटा तथा पवन-ऊर्जा की ओर ध्यान देना होगा, क्योंकि ऊर्जा के ये स्रोत सस्ते तथा न ख़त्म होनेवाली ऊर्जा हैं। बिजली हमारी मूलभूत आवश्यकता है, मगर जिस रफ़्तार से इसकी खपत हो रही है, उस हिसाब से भविष्य में हम इससे वंचित हो सकते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eप्रसिद्ध विज्ञान-लेखक गुणाकर मुळे की यह पुस्तक ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों की आधारभूत जानकारी देती है, और बताती है कि इस समय ऊर्जा उत्पादन और संरक्षण को लेकर भारत की क्या स्थिति है? ऊर्जा के नए स्रोत क्या हो सकते हैं? सूर्य, जल, वायु और परमाणु आदि स्रोतों से ऊर्जा प्राप्त करने की दिशा में क्या कोशिशें की जा रही हैं, यह पुस्तक ऐसे तमाम प्रश्नों का उत्तर देने का प्रयास करती है।\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan, Akshar","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285698797719,"sku":"9789389598322","price":88.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789389598322.webp?v=1769284099","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/urja-sankat-aur-hamara-bhavishya-9789389598322","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}