{"product_id":"usi-ke-naam-9789352211289","title":"Usi Ke Naam","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Alok Yadav\u003cbr\u003e • Publisher: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eख़ुशफ़िक्र शाइर आलोक यादव से मेरा तअल्लुक़ उतना ही पुराना है जितना ख़ुद उनका ग़ज़ल से। तक़रीबन तीन साल क़ब्ल ग़ज़ल से मुताल्लिक़ बुनियादी मालूमात और मुनासिब मशवरों के लिए उन्हें किसी की तलाश थी। उनकी यह तलाशो-जुस्तजू हमारे तअल्लुक़ का सबब बनी।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eउनके पास क़ाबिलियत भी है और सलाहियत भी, हस्सास दिल भी है और दुनिया को उसके तमाम रंगों के साथ देखनेवाली नज़र भी। उनकी शायरी में ख़ुलूसो-मोहब्बत के जज़्बों, समाजी क़द्रों, आला उसूलों और इनसानी रिश्तों का एहतराम भी है और ज़ुल्म, जब्र, नाइंसाफ़ी और इस्‍तहसाल के ख़िलाफ़ मोह्ज़्ज़ब एहतिजाज भी। उनके अशआर एक तरफ़ उर्दू से उनके वालिहाना लगाव का ऐलान करते नज़र आते हैं तो दूसरी तरफ़ हिन्दी से उनके मज़बूत रिश्ते और गहरी रग़बत के ग़म्माज़ भी हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eअपने शेरी सफ़र के इब्तिदाई दौर ही में अगर कोई इस तरह के चन्द अशआर कहने में कामियाब हो जाए तो उसे अपने शेरी मुस्तक़बिल के ताबनाक होने की उम्मीद बाँधने में झिझक नहीं होती।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eहदे-ईमान से आगे मैं जाना चाहता हूँ पर\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eअभी ईमान आधा है, अभी लग़्ज़िश अधूरी है\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eमेरे लिए हैं मुसबित ये आईनाख़ाने\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयहाँ जमीर मेरा बेनक़ाब रहता है\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eख़ुदा करे मंज़िलों की तरफ़ उठनेवाला उनका पहला क़दम ‘उसी के नाम’ ख़ातिख़्वाह पज़ीराई हासिल करे और उनके हौसलों के चराग़ कभी मद्धम न हों।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e—अकील नोमानी\u003c\/p\u003e","brand":"Lokbharti Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285595250839,"sku":"9789352211289","price":84.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789352211289.webp?v=1769283835","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/usi-ke-naam-9789352211289","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}