{"product_id":"vah-ek-aur-man-9789390378975","title":"Vah Ek Aur Man...","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Shri Praveen Kumar\u003cbr\u003e • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eये ज़रूरी नहीं कि सबका सच एक हो जाए, सबके अहसासात एक हो जाएँ, सबके नज़रिए, सबके फलस़फे एक हो जाएँन मैं अपने जज़्बों को खुद थाम पायाकहाँ होंठ सीना, न मैं जान पायासर्दजोशी का आलम, सुलगती़िफज़ाएँन वो चुप हुआ है और न मैं बाज़ आया।रु़खसती रु़ख बदलने का भी नाम हैबेरु़खी रोकना आज़माइश मेरीआँसुओं सा निकलकर कहाँ चल दिएधूल सी भर गई है नुमाइश मेरी।—इसी संग्रह सेइस काव्य-संकलन में मानवीय रिश्तों का स्थायी भाव प्रेम, यत्र-तत्र-सर्वत्र है और उसी में रूबरू हुए दिल को छूनेवाले तमाम मंजरों का मर्यादित तस्करा भी है। समय के प्रवाह में जज्बातों को थामने, उनसे गुफ्तगू करने की कशिश गीतों और नज्मों में मुसलसल है, तो मसरूफियत के आगोश में अपनों से दूर हो जाने की पीड़ा भी कमोबेश इसमें शामिल है।\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46839720542359,"sku":"9789390378975","price":175.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789390378975.webp?v=1769162411","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/vah-ek-aur-man-9789390378975","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}